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उत्तराखड: सीडीओ ने ग्राम सिरोर के राजकीय प्राथमिक एवं उच्चतर प्राथमिक विद्यालय का किया औचक निरीक्षण ! विद्यालयी व्यवस्थाओं की गुणवत्ता परखी, विद्यार्थियों से संवाद कर शैक्षणिक प्रगति की ली जानकारी


उत्तरकाशी। मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह ने विकासखण्ड भटवाड़ी के ग्राम सिरोर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय की अध्यापक उपस्थिति पंजिका, पोषण पंजिका एवं मिड-डे मील व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता, शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं की गुणवत्ता एवं नियमितता सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर दिया।

मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों की उपस्थिति एवं विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बौद्धिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता एवं सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए प्रभावी एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी शैक्षणिक दक्षता एवं सामान्य ज्ञान को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े, विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न तथा शिक्षा से जुड़े प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक प्रसंगों पर संवाद किया। विद्यार्थियों द्वारा दिए गए उत्तरों को सुनते हुए उन्होंने उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे उचित दिशा देना शिक्षक एवं विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास सफलता की आधारशिला हैं। 

बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से भी अपेक्षा की कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता एवं आवश्यकता के अनुरूप उस पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शैक्षणिक रूप से पीछे न रहे।

मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को सुव्यवस्थित एवं क्रियाशील बनाए रखने के साथ-साथ मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

औचक निरीक्षण के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) श्री शैलेन्द्र अमोली उपस्थित रहे।

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