लखनऊ: मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश! भारत नेपाल सीमा पर बने पोलियो बूथ पर भी पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जाना हाल
September 06, 2026
लखीमपुर खीरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने रविवार को चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर बने पोलियो बूथ का जायजा लेने के साथ ही स्वास्थ्य मेलों में दी जा रही सेवाओं, साफ-सफाई और बाढ़ व बरसात से निपटने की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया के अधीक्षक डॉ. भरत सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने पीएचसी खजुरिया (मुख्यमंत्री आरोग्य मेला और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पोलियो बूथ), पीएचसी संपूर्णानगर, पीएचसी त्रिकोलिया और पीएचसी बिसेनपुरी का दौरा किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य मेलों में आने वाले मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और वहां मिलने वाली विभिन्न प्रकार की जांचों (जैसे सामान्य बीमारियो, खून और अन्य स्वास्थ्य जांचों) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आरोग्य मेले का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए तथा सभी मरीजों को केंद्र पर ही उचित परामर्श और दवाइयां मिलनी चाहिए।बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चैक-चैबंद रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने विशेष तौर पर जोर देकर कहा कि केंद्र के आसपास या परिसर के भीतर कहीं भी जलभराव नहीं होना चाहिए। बाढ़ की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और एहतियाती कदम उठाने के भी निर्देश दिए ताकि आपदा के समय भी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने भारत-नेपाल सीमा पर बनाए गए पोलियो बूथ का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया। पोलियो के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान बच्चों को लाइलाज और विकलांग बनाने वाली गंभीर बीमारी पोलियो से सुरक्षा कवच प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही अधिक होने के कारण सीमा पर बने ये पोलियो बूथ देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने और बाहर से आने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
