प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली क्षेत्र के मोलनापुर निवासी युवक की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रतापगढ़ से सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि वह पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने और उनका हाल जानने जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके आवास से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। सांसद ने कहा कि वह अवसर मिलने पर अवश्य पीड़ित परिवार से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाएंगे।
मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा कि पुलिस हिरासत में युवक की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। सांसद ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से भी वार्ता की है।
सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे संकट और दुख की घड़ी में जनता के बीच पहुंचें और उनकी समस्याओं को सुनें। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के संदर्भ में कई प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों के बीच जाने और उनकी बात सुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि पट्टी कोतवाली में युवक की मौत के मामले को लेकर जिले में लगातार चर्चा बनी हुई है। मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग विभिन्न स्तरों पर उठ रही है। हिरासत में मौत के मामले में संबंधित थाना प्रभारी और विवेचक को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष आशुतोष पांडे, सांसद मीडिया प्रभारी वकार अहमद, बी.एल. वर्मा, जितेंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
