लखनऊः एकता से समुदाय शक्ति बढ़ाने के संकल्प संग अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने किया कलमकारों को सम्मानित
September 20, 2026
लखनऊ/ लखीमपुर खीरी। स्थानीय सीटाडेल के सभागार में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, लखीमपुर खीरी के तत्वावधान में महत्वपूर्ण बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। भगवान चित्रगुप्त की स्तुति और विधिवत पूजन से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम सामाजिक एकता, संगठनात्मक मजबूती और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प से ओतप्रोत रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. मंजुला बरतरिया ने की। मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री ज्ञान अस्थाना रहे, जबकि अतिविशिष्ट अतिथि संस्था संरक्षिका एवं पालिकाध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया। प्रदेश सचिव प्रमोद निगम, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सक्सेना एवं नीरज सक्सेना तथा महामंत्री सौरभ सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचस्थ रहे। प्रभावी संचालन युवा संभाग जिला संरक्षक शौर्य सक्सेना ने किया।मुख्य अतिथि ज्ञान अस्थाना ने संगठन की एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि लखनऊ-देवां रोड पर आगामी तीन महीनों में महासभा की ओर से भगवान चित्रगुप्त मंदिर एवं शिक्षण संस्थान के निर्माण की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कायस्थ समाज से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। अतिविशिष्ट अतिथि डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीति में सहभागिता के साथ सरकार चलाने वाले सिस्टम में कायस्थों की घटती भागीदारी चिंता का विषय है। साहित्य, लेखन और अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अनुभवी लोगों से युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा कि “यूनिटी से कम्युनिटी को आगे बढ़ाने” का प्रयास होना चाहिए। प्रदेश सचिव प्रमोद निगम, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सक्सेना सहित अन्य वक्ताओं ने भी संगठन की भूमिका, सामाजिक सहभागिता और युवा शक्ति के महत्व पर विचार रखे। जिलाध्यक्ष डॉ. मंजुला बरतरिया ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और आकर्षक पड़ाव रहा कलमकार सम्मान समारोह। शब्दों को समाज की चेतना और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाले कलमकारों को “कलम के पुजारी सम्मान” से विभूषित कर उत्साहित एवं ऊर्जित किया गया। सम्मानित होने वालों में कपिल श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, देव श्रीवास्तव, प्रांजल श्रीवास्तव, अंकित श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, चित्रांश अनूप सिंह, कवयित्री कृति श्रीवास्तव, निशीथ श्रीवास्तव, डॉ नमिता श्रीवास्तव ( स्मृतिशेष के के श्रीवास्तव का ) और पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य कलमकार व कायस्थ प्रतिभाएं शामिल रहे। सम्मान के इस क्षण में मानो शब्दों को सम्मान और लेखनी को नई ऊर्जा मिली। कलमकारों का अभिनंदन इस संदेश के साथ भी जुड़ा रहा कि समाज की दिशा केवल सत्ता और संस्थाओं से नहीं, बल्कि विचारों, साहित्य और जागरूक लेखनी से भी निर्धारित होती है। इस बीच एक डिजिटल न्यूज चैनल का शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर युवा संरक्षक कपिल श्रीवास्तव, महामंत्री प्रशांत लाला, महिला अध्यक्ष सुमन श्रीवास्तव, अनीता निगम, मीना पांडिया, शशिबाला सक्सेना, अनुराग श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, आशीष सक्सेना, नवीन सक्सेना, रंजीत श्रीवास्तव, रामू श्रीवास्तव, श्यामू श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, डॉ. अंजित सिंह, अनूप श्रीवास्तव और मयंक श्रीवास्तव सहित दर्जनों लोग सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सुरुचिपूर्ण सहभोज के साथ हुआ। समारोह ने एकता, संगठन, सामाजिक सहभागिता और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की भावना को नई ऊर्जा दी।
