मेरठ/मवाना। एएस इंटर कॉलेज मवाना में शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश और जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देशन में भूकंप से बचाव एवं सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल तथा फायर ड्रिल का आयोजन किया गया। सुबह 10रू30 बजे से दोपहर 12रू30 बजे तक चले इस अभ्यास में करीब 3200 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। मॉकड्रिल कमांडेंट की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी मवाना संतोष कुमार सिंह को सौंपी गई थी।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से काम लेने, सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया से परिचित कराना था।
मॉकड्रिल के दौरान जैसे ही इमरजेंसी सायरन बजा, विद्यालय में मौजूद छात्र-छात्राओं ने भूकंप की स्थिति का अभ्यास करते हुए तत्काल बेंचों के नीचे सुरक्षित स्थिति अपनाई। प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह ने तत्काल जिला प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन से सूचना आपदा विभाग को दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को ‘झुको-ढको-पकड़ो’ (क्तवच-ब्वअमत-भ्वसक) के सिद्धांत का अभ्यास कराया। इसके बाद कक्षाओं से सुरक्षित तरीके से बाहर निकलकर खुले मैदान में एकत्र होने की प्रक्रिया समझाई गई।
मॉकड्रिल के दौरान भूकंप के कारण भवन के कुछ हिस्सों में रास्ता बाधित होने की स्थिति भी बनाई गई। ऐसी स्थिति में एनडीआरएफ टीम ने सुरक्षित कक्षाओं से छात्र-छात्राओं को बाहर निकालने का प्रदर्शन किया। एनसीसी कैडेट, आपदा मित्र राहुल कुमार व अनुज कुमार, 73 यूपी बटालियन एनसीसी मवाना के हवलदार राम सिंह तथा विद्यालय के एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट बलराज सिंह ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।
एसडीएम संतोष कुमार सिंह, तहसीलदार निरंकार सिंह, सीओ पंकज लवानिया, कोतवाली प्रभारी ब्रह्म सिंह त्रिपाठी, पुलिस बल तथा विद्यालय प्रशासन भी राहत कार्य में जुटा रहा।
सर्च अभियान के दौरान तीन छात्राओं के घायल होने का अभ्यास किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार के निर्देशन में डॉ. जाकिर, डॉ. नरगिस और उपेंद्र कुमार की टीम तथा 108 एंबुलेंस के कैलाश सिंह और प्रदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा देने और उन्हें नगरीय स्वास्थ्य केंद्र मवाना के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
मॉकड्रिल के दौरान विद्यालय की ऊपरी मंजिल पर आग लगने की स्थिति भी बनाई गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और फायर स्टेशन मवाना को जानकारी दी गई। फायर विभाग की दो गाड़ियों के साथ अग्निशमन अधिकारी आकाश चैहान के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।
फायरकर्मियों ने ब्रीदिंग एप्रेटस पहनकर धुएं और जहरीली गैस से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए सीढ़ी के माध्यम से ऊपरी मंजिल तक पहुंचने तथा फायर व्हीकल से पंपिंग कर आग बुझाने का प्रदर्शन किया। आग की चपेट में आए दो छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी दिखाई गई।
फायर टीम में लीडिंग फायरमैन प्रेमपाल सिंह, एएसआई अरविंद राणा, फायरमैन सचिन कुमार, दीपक कुमार, राजीव कुमार, ऋषिक कुमार, अंकित कुमार, वीरेंद्र कुमार, रणजीत सिंह और विकास कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
अग्निशमन अधिकारी आकाश चैहान ने कहा कि आपदा से बचाव की जानकारी प्रत्येक छात्र के लिए आवश्यक है। नियमित अभ्यास से बच्चों में आपात स्थिति से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे स्वयं के साथ दूसरों की मदद करने के लिए भी तैयार रहते हैं।
कार्यक्रम में एसडीएम संतोष कुमार सिंह, सीओ पंकज लवानिया, कोतवाली प्रभारी ब्रह्म सिंह त्रिपाठी, तहसीलदार निरंकार सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह तथा जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं राजकीय इंटर कॉलेज हस्तिनापुर के प्रधानाचार्य अमित कुमार ने छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
मॉकड्रिल का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने अभ्यास की गतिविधियों की निगरानी की। पुलिस विभाग के वायरलेस डिपार्टमेंट के आरएसआई समय सिंह, एचओएम मदनपाल, कांस्टेबल विकास राजा और नवनीत भी संचार व्यवस्था में सक्रिय रहे।
विद्यालय के अध्यापकगण, एनसीसी कैडेट, कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूरे अभ्यास के दौरान मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार मॉकड्रिल में 3200 छात्र-छात्राओं की भागीदारी के बावजूद किसी वास्तविक दुर्घटना के बिना सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। अंत में विद्यार्थियों को आपदा के समय 112 सहित अन्य आपातकालीन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
