लखनऊ। लखनऊ जिले के राजाजीपुरम स्थित गौरीशंकर पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। कथा व्यास आचार्य मनोज कृष्ण जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों एवं भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। जन्मोत्सव की मंगल बेला में पूरा कथा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी मनाई। इसके पश्चात भगवान की बाल लीलाओं सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया गया।
कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भी भव्य आयोजन हुआ। विवाह प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के जयकारे लगाए। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से प्रेम, भक्ति, त्याग, सेवा और समर्पण का संदेश दिया।
समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के अन्य विवाहों की कथा के साथ देवर्षि नारद जी द्वारा गृहस्थ जीवन के दर्शन का प्रसंग सुनाया गया। इसके बाद कथा के प्रमुख प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और भक्त सुदामा की मित्रता का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन हुआ। सुदामा जी की भक्ति, सरलता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनके प्रेम की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता ने उपस्थित लोगों को सच्चे प्रेम, मित्रता और निःस्वार्थ भाव का संदेश दिया।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजन के समापन पर आयोजक विजय सिंह ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, सेवा, सद्भाव, संस्कार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश मिश्रा, आयोजक विजय सिंह, भारतीय जन सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश बाजपेई ‘शीलू’, महिला मंडल अध्यक्ष कुसुम गुप्ता, मीना चैबे, मधु चैहान, व्यापारी नेता अनूप द्विवेदी, जसवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
