कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंदन में दिए गए भाषण को लेकर पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान दक्षिणपंथी विचारक विनायक दामोदर सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने लंदन में अपने भाषण के दौरान उनके परदादा सावरकर को मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाला बताकर उनकी छवि खराब की और मानहानि की. सत्यकी ने अदालत में कहा कि वास्तव में सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की.
सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है. उनका आरोप है कि लंदन में दिए गए भाषण के जरिए राहुल गांधी ने सावरकर को बदनाम किया. फिलहाल इस मामले में सत्यकी सावरकर से राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार जिरह कर रहे हैं. मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अमोल शिंदे की अदालत में हो रही है
इससे पहले मंगलवार की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील ने सत्यकी सावरकर से पूछा कि उन्हें राहुल गांधी के भाषण में आखिर कौन-सी बात मानहानिकारक लगी. इसके जवाब में सत्यकी ने भाषण के उस हिस्से की ओर अदालत का ध्यान दिलाया, जिसमें राहुल गांधी ने कथित तौर पर सावरकर द्वारा लिखी गई एक किताब से एक घटना का उल्लेख किया था. सत्यकी के अनुसार, उस अंश में एक घटना का वर्णन है, जिसमें सावरकर और उनके कुछ साथियों ने कथित तौर पर एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट की थी. इस घटना के बाद सावरकर के बारे में यह कहा गया था कि उन्हें इससे संतुष्टि महसूस हुई.
सत्यकी सावरकर ने अदालत में दावा किया कि राहुल गांधी के भाषण में इस घटना का उल्लेख करने से सावरकर की छवि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश हुई, जो मुसलमानों से बेहद नफरत करता था और भीड़ के जरिए हिंसा करने वाला था. उन्होंने कहा, “इन शब्दों के जरिए सावरकर को मुसलमानों से बेहद नफरत करने वाला और भीड़ द्वारा हत्या करने वाला व्यक्ति बताया गया. सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की. बल्कि, अपने लेखन में उन्होंने मुसलमानों की प्रगति के लिए रास्ते और उपाय बताए.”
