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भारत की धरती से पुतिन ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा-अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं तो रूस इसे सीधे युद्ध की शुरुआत मानेगा


यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में अपने सैनिक भेजते हैं तो इसका मतलब रूस के साथ युद्ध होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने का कोई इरादा नहीं है।

पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशों को रूस से किसी खतरे की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'ऐसा कोई खतरा नहीं है और न कभी रहा है। हम यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहे हैं और न ही उन्हें धमकी देने वाले हैं। आखिर हम ऐसा क्यों करेंगे?'

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी संघर्ष का कोई आधार नहीं है।

पुतिन ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया था और सोवियत संघ के टूटने के बाद जो व्यवस्थाएं बनीं, उन्हें भी रूस की सहमति से लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के खिलाफ जाने वाला कोई भी कदम रूस के हितों के खिलाफ होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा। इसके बाद पुतिन ने यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन में सैनिक भेजने की चर्चा पर सीधे कहा,

'अब वे बात कर रहे हैं कि यूक्रेन की जमीन पर सैनिक भेजने के बारे में सोच रहे हैं। इसका मतलब रूस के साथ जंग है।'

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब यह अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इस दौरान कई यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को लगातार समर्थन दिया है। वहीं, अमेरिका ने इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है और दोनों देशों के बीच बातचीत कराने के प्रयास किए हैं। इसी महीने की शुरुआत में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने मॉस्को की यात्रा के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी।

पुतिन 18वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हुए हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पुतिन के साथ मुलाकात की थी। यह बातचीत BRICS सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन से पहले हुई थी। दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस व्यापार संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। इस दौरान 'प्रोग्राम फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2030' को लागू करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग पर भी बात हुई।

पीएम मोदी और पुतिन की शुक्रवार की मुलाकात करीब दो हफ्ते से भी कम समय में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान मिले थे। BRICS सम्मेलन के बीच पुतिन का यूरोपीय देशों को दिया गया यह संदेश ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों की भूमिका और संभावित सैन्य भागीदारी पर चर्चा जारी है। पुतिन ने साफ कर दिया है कि यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती को रूस अपने खिलाफ सीधे युद्ध के तौर पर देखेगा।

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