रिश्वत लेते महिला सुपरवाइजर के वीडियो पर कार्रवाई
September 30, 2026
बिहार के सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड में सीडीपीओ कार्यालय में एक महिला सुपरवाइजर संगीता कुमारी से जुड़े रिश्वतखोरी के कथित वायरल वीडियो के मामले में डीएम सावन कुमार ने कार्रवाई करते हुए जांच का आदेश दिया है। डीएम ने इस मामले में सीडीपीओ को जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में डीएम की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि सीडीपीओ कार्यालय, छातापुर में कार्यरत महिला पर्यवेक्षिका संगीता कुमारी का एक आंगनबाड़ी सेविका से कथित रूप से रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पत्र में लिखा है कि सुपरवाइजर संगीता के कामों में अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप मिले हैं। इन आरोपों की वजह से कार्यालय के कामों पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात भी पत्र में कही गई है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छातापुर की सीडीपीओ को पूरे प्रकरण की जांच कर तय समय के अंदर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल जीवछपुर पंचायत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-52 की एक सेविका ममता कुमारी ने केंद्र से जुड़ी राशि और वाउचर भुगतान की प्रक्रिया,THR और क्रय पंजी संधारण व अन्य कार्ड के नाम पर हर महीने 2,600 रुपये रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया है। इस मामले में महिला सुपरवाइजर संगीता कुमारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। सेविका ममला कुमारी ने सुपरवाइजर का एक कथित वीडियो दिखाया है जिसमें सुपरवाइजर ICDS ऑफिस में रुपये गिनती हुई नजर आ रही हैं। सेविका ममता कुमारी का दावा है कि कथित मासिक राशि दिए जाने का वीडियो उन्होंने अपने पति से बनवाया था। वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान 2,600 रुपये की जगह 2,400 रुपये होने और 200 रुपये कम होने की बात कही जाती सुनाई देती है। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रही रकम किस एवज में ली गई है।
सेविका ममता कुमारी ने ये भी आरोप लगाया है कि दो महीने के वाउचर पास कराने के लिए उनसे 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। जब ममता कुमारी ने इसका विरोध किया तो वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया। मामला सामने आने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों से कथित तौर पर होने वाली मासिक वसूली को लेकर विभागीय जांच की मांग उठ रही है। वहीं महिला सुपरवाइजर संगीता ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने दवा का बकाया 2,600 रुपये लिया है। जो उनके एक ग्राहक ने डॉ विनय कुमार से इलाज कराने के एवज में दिया था। वीडियो को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। डीएम ने इस पूरे मामले में जल्द से जल्द जांच के आदेश दिए हैं और विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
