लखनऊ। हुनर को रोजगार और रोजगार को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में पाण्डेय कॉम्प्लेक्स, मोहनलालगंज में चल रहे 15 दिवसीय कौशल सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ द्वारा जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं एवं महिलाओं को ब्यूटी पार्लर से संबंधित रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
प्रशिक्षण के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन,मुख्यालय,नई दिल्ली के श्प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिसश् श्री प्रदीप कुमार सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी हुनर को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवसाय की योजना, बाजार की मांग, ग्राहकों की जरूरत और वित्तीय प्रबंधन की समझ भी जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को छोटे स्तर से स्वरोजगार की शुरुआत कर अनुभव के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अवधेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि हुनर को सही दिशा, मेहनत और व्यवसायिक सोच के साथ जोड़कर महिलाएं अपने लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
प्रशिक्षणार्थियों ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार से संबंधित जानकारी को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के साथ व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने की जानकारी मिलने से उन्हें अपने भविष्य की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
