लखनऊ: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के निर्देशन में पहला सिजेरियन (ऑपरेशन) प्रसव सफलतापूर्वक हुआ
September 25, 2026
लखनऊ/लखीमपुर खीरी। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार 24 सितंबर को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के निर्देशन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धौरहरा में पहला सिजेरियन (ऑपरेशन) प्रसव सफलतापूर्वक हुआ। इस सफलता के साथ ही जनपद की सभी तहसीलों में अब सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा कदम है।सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को सीएचसी धौरहरा में राम नगर लहाबड़ी निवासी जासमीन पत्नी रविउल्ला का सफल सिजेरियन (ऑपरेशन) किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है, जिसका वजन 2970 ग्राम है। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैंसीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनपद में अब सात प्रथम संदर्भन इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। जिला महिला चिकित्सालय के साथ ही सीएचसी गोला, पलिया, मोहम्मदी और मितौली व निघासन में यह सुविधा पहले से थी। गुरुवार को धौरहरा सीएचसी के इस सूची में शामिल होने से जिले के हर तहसील स्तर पर गर्भवती माताओं के लिए ऑपरेशन की सुविधा सुनिश्चित हो गई है। सीएचसी निघासन और सीएचसी धौरहरा में अभी इलेक्टिव सिजेरियन की सुविधा ही उपलब्ध है। आगे आने वाले समय में यहां पर भी इमरजेंसी सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह के प्रयासों से शुरू हुई इस सुविधा के पहले ऑपरेशन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में सर्जन डॉ. नमरा मुईद, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. शिव पूजन अवस्थी, डॉ. संतोष निराला तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. फरहान हाशमी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के साथ फार्मासिस्ट नवीन वर्मा, स्टाफ नर्स रजनी वी. नायर, आरती देवी और सहयोगी राजवीर ने भी अपना पूर्ण योगदान दिया।डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि अब सीएचसी धौरहरा में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध रहेगी। पिछले तीन दशकों से इस क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता की स्थिति में दूर के अस्पतालों या निजी नर्सिंग होम पर निर्भर रहना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर इस सेवा के शुरू होने से धौरहरा एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को समय पर उपचार मिल सकेगा, जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की बड़ी राहत मिलेगी।
