प्रतापगढः हिन्दी भारतीय भाषाओं की सिरमौर-अपर जिला जज
September 14, 2026
लालगंज/ प्रतापगढ़। स्थानीय दीवानी अदालत स्थित सभागार में सोमवार को राष्ट्रभाषा हिन्दी उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अपर जिला जज रघुवीर सिंह राठौर तथा सिविल जज अशोक कुमार व असिस्टेंट प्रोफेसर डा. मोहिनी राठौर ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों द्वारा राष्ट्रभाषा हिन्दी की गौरव गारिमा को लेकर काव्य पाठ भी हुआ। मुख्य अतिथि अपर जिला जज रघुवीर सिंह राठौर ने कहा कि हिन्दी भारतीय भाषाओं की सिरमौर भाषा है। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा के प्रति अभिरूचि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि सिविल जज अशोक कुमार ने राष्ट्रभाषा हिन्दी को व्यवहारिक क्षेत्र में सुदृढ़ बनाये जाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्यवक्ता आगरा के दयाल बाग विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर मोहिनी अग्रवाल ने वर्तमान समय में राष्ट्रभाषा की दिशा और दशा को लेकर सार्थक विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिन्दी को गर्व के साथ अंगीकृत करने की चेतना जागृति होना आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक संयुक्त अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अबरार अहमद खान ने संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि डा. अंजनी अमोध, आचार्य अनीश देहाती, रामलगन यादव आशीष व अनूप पाण्डेय ने हिन्दी की महानता पर कविता के जरिये उन्नयन का घोष किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचन्द्र तिवारी व संचालन हिन्दी मित्र संघ के जिला संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने किया। संगोष्ठी में शिखा तिवारी, संघ के उपाध्यक्ष नामवर सिंह, आय व्यय निरीक्षक संतोष तिवारी, रामसजीवन पटेल ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर विभूति शुक्ला, सचिन पाण्डेय, शिवप्रसाद यादव, अखिलेश श्रीवास्तव, रोशन शुक्ला आदि अधिवक्ता रहे।
