पट्टी/प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली परिसर में मोलनापुर निवासी अर्जुन (सूरज) की मौत के मामले को लेकर मंगलवार को दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। घटना से आक्रोशित मृतक के परिजन और रिश्तेदार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे थे। परिजनों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित रूप से आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
मृतक के शव को लेकर बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार मौजूद रहे। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। परिजनों की मांगों को लेकर अधिकारियों और उनके बीच बातचीत का दौर चलता रहा। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।
बताते चलें कि उक्त प्रकरण के दौरान एक और मामला चर्चा में रहा। मृतक के परिजनों के पास पहुंचकर उनसे मुलाकात करने का प्रयास कर रहे वर्तमान विधायक राम सिंह पटेल को पुलिस द्वारा रोके जाने का आरोप लगाया गया। इसको लेकर मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
परिजनों और समर्थकों का कहना था कि वे अपनी बात जनप्रतिनिधि के सामने रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया गया, यह स्पष्ट होना बाकी है।
काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद परिजनों की मांगों को लेकर लिखित आश्वासन मिलने पर उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने की सहमति दी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया गया।
सूरज की मौत के मामले में परिजन लगातार निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों को पूरा किए जाने की मांग कर रहे हैं। अब पूरे मामले में पुलिस जांच और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
