मुंबई के ट्रैफिक जाम में फंसे नितिन गडकरी, बोले- "इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं"
September 13, 2026
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुंबई में आयोजित 22वें इंडो-अमेरिकन कॉरपोरेट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह में करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने देरी की वजह मुंबई का ट्रैफिक जाम बताया और इसके लिए उन्होंने खुद को जिम्मेदार ठहराया।
नितिन गडकरी ने कहा कि वह वर्ली से होटल तक आते समय करीब एक घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहे। उन्होंने कहा, "आज मैं इस कार्यक्रम में एक घंटे देर से पहुंचा, क्योंकि वर्ली से इस होटल तक आने में मुझे एक घंटा लग गया। लेकिन इसकी गलती की कीमत मैं खुद चुका रहा हूं।"
उन्होंने मुंबई में मौजूदा ट्रैफिक समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1992-2000 के दौरान उन्होंने 55 फ्लाईओवर, वर्ली-बांद्रा सी लिंक और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दिलाई थी। उस समय उपलब्ध तकनीक और परिस्थितियों को देखते हुए इन परियोजनाओं की जरूरत थी, लेकिन अब बदलती तकनीक के साथ ट्रैफिक की समस्या से निपटने के नए तरीके अपनाने होंगे।
गडकरी ने कहा कि आज तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा फ्लाईओवरों के कारण पैदा हो रही अड़चनों को दूर करने के लिए मल्टी-लेवल फ्लाईओवर बनाए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, एक ही पियर पर अलग-अलग स्तरों पर सड़कें और ऊपर मेट्रो का निर्माण किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर को देश के विकास की अहम कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच तकनीक, उद्योग और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। गडकरी ने कहा कि भारत के पास बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली इंजीनियर और उद्यमी हैं, जबकि अमेरिका के पास तकनीक और संसाधनों की मजबूत क्षमता है। दोनों देशों की ताकत को साथ लाकर "विन-विन" स्थिति बनाई जा सकती है।
उन्होंने उद्यमिता को रोजगार सृजन से जोड़ते हुए कहा कि देश में पूंजी निवेश, उद्योग और कारोबार बढ़ाने के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उनके मुताबिक रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा किए बिना गरीबी की समस्या का समाधान संभव नहीं है। गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी तकनीक में भारत की बढ़ती क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बैटरी की लागत में कमी आई है और लिथियम-आयन के अलावा सोडियम-आयन, जिंक-आयन और एल्युमिनियम-आयन जैसी वैकल्पिक तकनीकों पर भी काम हो रहा है।
अपने भाषण के अंत में गडकरी ने भारत-अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की भूमिका को अहम बताया और अवॉर्ड पाने वाले उद्यमियों एवं कॉरपोरेट जगत के लोगों को शुभकामनाएं दीं। बता दें कि इससे पहले, गोवा में नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के काम में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई थी। गडकरी ने कहा कि हाईवे का काम पूरा होने में 16 से 17 साल लग गए, यह दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्हें इसकी शर्मिंदगी है।
