लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हित में लिए गए ऐतिहासिक फैसले से नगर निगम और जलकल विभाग के हजारों कर्मचारियों में भारी उत्साह और खुशी की लहर है। वर्षों से अपने हक और सामाजिक सुरक्षा की आस लगाए बैठे आउटसोर्सिंग कर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस जनकल्याणकारी पहल को अपने जीवन में एक नया सवेरा करार दिया है। पृथक आयोग का गठन कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
जलकल एवं नगर निगम के नियमित व आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ ने एक स्वर में राज्य सरकार का सहृदय धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इस दूरदर्शी निर्णय से कर्मचारियों का मनोबल और कार्यकुशलता कई गुना बढ़ गई है। संघ का कहना है कि अब आउटसोर्सिंग भाइयों को ठेकेदारी व्यवस्था के शोषण से मुक्ति मिलेगी और उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
अब किसी भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को शिकायत के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में सीधे आयोग में सुनवाई की पारदर्शी व्यवस्था होगी। वर्षों से वेतन में होने वाली देरी की समस्या समाप्त होगी और हर महीने नियत समय पर कर्मचारियों के बैंक खातों में मेहनत की कमाई पहुंचेगी। कर्मचारियों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल कर्मचारियों को, बल्कि उनके पूरे परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को मजबूत सुरक्षा कवच प्राप्त हुआ है।
कर्मचारी संघ के सदस्यों ने इस फैसले को राज्य सरकार का अत्यंत संवेदनशील और दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे जमीनी स्तर पर दिन-रात सेवा देने वाले कर्मचारियों को सम्मान के साथ जीने का नया हौसला और उत्साह मिला है।
