Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

रुद्रपुर: सांसों को नई राहत, इलाज में अपनापन३ रुद्रपुर में पार्क हॉस्पिटल बना मरीजों की पहली पसंद! खटीमा से नेपाल सीमा तक और यूपी से भी पहुंच रहे मरीज, चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ के व्यवंहार की हो रही सराहना


रुद्रपुर। इलाज सिर्फ दवाओं और मशीनों तक सीमित नहीं होता, बल्कि मरीज के साथ डॉक्टर और अस्पताल के स्टाफ का व्यवहार भी उसके मनोबल को मजबूत करता है। रुद्रपुर में संचालित पार्क हॉस्पिटल इन दिनों इसी सोच के साथ अपनी पहचान बनाने में जुटा है। कम समय में अस्पताल ने स्थानीय मरीजों के साथ-साथ उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के मरीजों के बीच भी अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है।अस्पताल में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रवि कांत पांडे (डठठै, डक्) समेत चिकित्सकों की टीम मरीजों को उपचार उपलब्ध करा रही है। विशेष रूप से सांस और फेफड़ों से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे मरीज उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं।

पार्क हॉस्पिटल में रुद्रपुर के अलावा खटीमा, टनकपुर, बनबसा और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से भी गंभीर स्थिति में मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी है। उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा है। परिवार जैसा व्यवहार, मरीजों को मिल रहा मानसिक संबल अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके तीमारदार चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि उपचार के दौरान स्टाफ जिस सहजता और आत्मीयता से बातचीत करता है, उससे अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण होने के बजाय भरोसे वाला महसूस होता है।

मरीज के स्वस्थ होकर घर लौटने पर उसे गुलाब का फूल देकर विदाई देने की पहल भी अस्पताल की अलग पहचान बन रही है। अस्पताल से जुड़े लोगों का कहना है कि मरीज के चेहरे पर मुस्कान लाना भी उपचार प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक परिवार के लिए मुश्किल वक्त में मिला नया भरोसा हाल ही में सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे एक मरीज को उसके परिजन पहले कृष्णा हॉस्पिटल लेकर गए थे। परिजनों के अनुसार, मरीज का सुबह करीब 9 बजे से शाम 4 बजे तक उपचार चला और इस दौरान करीब दो घंटे उसे आईसीयू में भी रखा गया परिवार के मुताबिक, इस अवधि में उन्हें मरीज की हालत में अपेक्षित सुधार महसूस नहीं हुआ इसके बाद परिजनों ने शाम करीब 4रू30 बजे मरीज को वहां से डिस्चार्ज कराकर पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया। परिजनों के अनुसार, पार्क हॉस्पिटल की इमरजेंसी में उपचार शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर मरीज की सांस लेने की परेशानी में राहत दिखाई देने लगी और उसकी स्थिति पहले से बेहतर नजर आई परिवार के लिए यह बदलाव बेहद राहत भरा था परिजनों ने पार्क हॉस्पिटल के चिकित्सकों और स्टाफ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कठिन परिस्थिति में उन्हें समय पर उपचार और सहयोग मिला।

पार्क हॉस्पिटल में कार्यरत कई चिकित्सक और कर्मचारी हरियाणा एवं गुरुग्राम क्षेत्र से जुड़े हैं। अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ उनके मानसिक संतोष और सुविधा का भी ध्यान रखने की कोशिश की जा रही है।

मरीजों और तीमारदारों की सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बीच पार्क हॉस्पिटल रुद्रपुर में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। आने वाले समय में अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं किस स्तर तक विस्तार लेती हैं, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल मरीजों का बढ़ता भरोसा अस्पताल के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |