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गाजीपुर: गोपीनाथ पीजी कॉलेज में शहरी ताप द्वीप विषय पर छात्र संगोष्ठी आयोजित! विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट व पोस्टर प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित


गाजीपुर। गोपीनाथ पीजी कॉलेज, देवली सलामतपुर, गाजीपुर में बुधवार को ओजोन दिवस के अवसर पर भूगोल विभाग की ओर से शहरी ताप द्वीप (न्तइंद भ्मंज प्ेसंदककृन्भ्प्) विषय पर छात्र संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “शहरी ताप द्वीप को समझना रू कारण, प्रभाव एवं शमन रणनीतियां” रहा। संगोष्ठी में बीए एवं एमए के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए और पोस्टर एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शनी के माध्यम से शहरी तापमान में वृद्धि के कारणों, प्रभावों तथा समाधान के उपायों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शहरी ताप द्वीप, शहरी वनिकी, सतत शहरी नियोजन, पर्यावरण, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के तापमान में अंतर और मानव स्वास्थ्य पर शहरी ताप द्वीप के प्रभाव सहित विभिन्न विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रोजेक्ट कार्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के संयोजक एवं भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. ऋषिकेश तिवारी ने शहरी ताप द्वीप की समस्या पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण, कंक्रीट निर्माण और हरित क्षेत्रों में कमी के कारण शहरी क्षेत्रों के तापमान में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन करने का आह्वान किया।

डॉ. अंजना तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण और शहरी क्षेत्रों में हरियाली के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने पेड़-पौधों के संरक्षण, हरित क्षेत्रों के विस्तार और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका पर जोर दिया।

डॉ. गिरिश चंद्र ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी ताप द्वीप की समस्या को कम करने के लिए पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को समझने तथा समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

डॉ. चन्द्रमणि पांडेय ने शहरी ताप द्वीप के पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन के माध्यम से विषय की गहराई से समझ विकसित करने और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुधा त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में शोध, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण की क्षमता विकसित करने में सहायक होती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनने तथा अपने आसपास जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बीए एवं एमए के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रोजेक्ट और पोस्टर प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। प्रमाण पत्र वितरण से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन हुआ और उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।

संगोष्ठी का आयोजन गोपीनाथ पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संरक्षक श्री राकेश तिवारी, प्रबंधक श्री शिवम त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. सुधा त्रिपाठी तथा संयोजक डॉ. ऋषिकेश तिवारी रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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