प्रतापगढ़/बाबागंज।पट्टी कोतवाली में मौलानापुर निवासी अर्जुन गौतम की पुलिस हिरासत में मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए किशोरी के परिजनों से मिलने जा रहे सवर्ण आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष पवन मिश्रा को महेशगंज पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
महेशगंज के झींगुर निवासी सवर्ण आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष पवन मिश्रा ने अर्जुन की मौत के मामले में किशोरी के परिजनों से मिलने की घोषणा की थी। इसके बाद महेशगंज पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। पवन मिश्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह केवल मामले की वास्तविक स्थिति जानने और किशोरी के परिजनों से मिलने जा रहे थे। ऐसे में उन्हें घर में रोकने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने अर्जुन की मौत के बाद दर्ज मुकदमे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि अर्जुन की मौत पुलिस हिरासत में हुई है तो मृतक के पिता की तहरीर पर किशोरी के पिता और भाई को हत्या के मुकदमे में आरोपी बनाने का आधार क्या है? पुलिस किशोरी के परिजनों पर मुकदमा दर्ज करके मामलें को दूसरा एंगल देने का प्रयास कर रही है। बिना किसी दोष के किशोरी के परिजनों पर हत्या, धमकी और एससीध्एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करके किशोरी के परिजनों का उत्पीड़न किया जा रहा है और बिना किसी कसूर के उनको कानूनी लड़ाई में घसीटा जा रहा है। भीड़ के दबाव में पुलिस द्वारा दर्ज फर्जी मुकदमा किसी के ऊपर भी दर्ज नही करना चाहिए। पुलिस के मुताबिक अर्जुन का शव कोतवाली परिसर स्थित शौचालय में फंदे से लटका मिला था, जबकि परिजनों ने पिटाई कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
मामले में पट्टी कोतवाली के थानाध्यक्ष आनंद पाल सिंह और दरोगा ओंकार सिंह को निलंबित किया जा चुका है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कोतवाली परिसर के सीसीटीवी फुटेज और मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट से अर्जुन की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस बीच सवर्ण आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किए जाने की कार्रवाई ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
