लखनऊ । 27 सितम्बर को लखनऊ में राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का आयोजन विश्वेश्रय्या प्रेक्षा गृह पीडब्ल्यूडी भवन में होगा यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम के आयोजक चन्दन लाल वाल्मीकि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वंचित शोषित सामाजिक संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ और आयोजन समिति के अध्यक्ष आकाश पुष्कर ने लखनऊ के वरिष्टि साथियों के साथ बैठक की, जिसमें भारी संख्या में लखनऊ पहंुचने का आहवान किया गया। अन्य राज्यों से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने, लाने ले जाने, भोजन आदि की व्यवस्था पर विचार हुए।चन्दन लाल वाल्मीकि ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ जगतगुरू कृष्ण शाह विद्यार्थी महामण्डलेश्वर करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में बृजेश पाठक उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर, समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना, सदस्य डाॅ0 सुषमा गौडियाल, रवि राम कलोसे, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत सरकार के सदस्य प्रियंक कानूनगो, प्रताप करोसिया अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त राज्य सफाई कर्मचारी आयोग मध्य प्रदेश, बैजनाथ बांसफोर अध्यक्ष राज्य सफाई कर्मचारी आयोग असम, विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य अनुसूचित जाति आयोग उत्तर प्रदेश के सदस्य उमेश कठेरिया, रमेश चन्द कोढे, डाॅ0 राहुल वाल्मीकि प्रदेश मंत्री भाजपा, सहित अनेक ट्रेड यूनियन और सामाजिक धार्मिक संगठनों के प्रमुख साथियों को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में प्रमुख रूप से वाल्मीकि समाज की समाजिक आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक हिस्सेदारी के साथ आरक्षण का वर्गीकरण और राजमर्रा के सफाई कार्य में नियमित भर्ती हो, नगर निकायों में 20 वर्षों से कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों छठे वेतन का लाभ तो मिल रहा है लेकिन 7 वें वेतन का 10 वर्षों से नहीं मिल रहा है। आउटसोर्स के सफाई कर्मचारियों को निगम के माध्यम से भर्ती की शर्त में शैक्षिक योग्यता 8 बीं पास की शर्त को खत्म कराने,
सीवर सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई मौतों की रोकथाम और मृतक के परिवार का पुनर्वास हो, हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के जिम्मेदारी से अनुपालन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम लि0 भारत सरकार की योजनाओं के लाभ उत्तर प्रदेश में दिलाने के लिए चैनलाइजिलंग एजेन्सी उत्तर प्रदेश वित्त विकास निगम लि0 के माध्यम से राज्य सरकार गारण्टी न होने से बन्द योजनाओं को पुनः चालू कराने तथा सफाई कर्मचारियों को पांच लाख की स्वास्थ्य के लिए कैस लैच चिकित्सा का लाभ दिलाने की मां की जायेगी। इस राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट, गुजरात, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ, दिल्ली, चण्डीगढ, राजस्थान, उत्तराखण्ड, राज्यों के प्रतिनिधि आयेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियों के लिए चन्दन लाल, राजू प्रधान, प्रताप सिंह पापे, महेश चैधरी, चन्द्र कुमार वाल्मीकि, महेश चन्द, राकेश लखा, अखिलेश वाल्मीकि कवि, कुंवर आयुष्मान अमित चैधरी, मनोज हिन्दू, ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की रणनीति बनाई।
