125 किलोमीटर नदी की खुदाई से लाखों किसानों को मिलेगी राहत, वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद
गाजीपुर। मगई नदी से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सिंचाई विभाग, गाजीपुर द्वारा मगई नदी के पुनरोद्धार, कायाकल्प और क्षमता वृद्धि के लिए करीब 125 किलोमीटर नदी की खुदाई हेतु 63 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी गई है। योजना स्वीकृत होने पर गाजीपुर और बलिया जनपद के बड़ी संख्या में किसानों एवं कृषि मजदूर परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
बताया गया कि नमामि गंगे योजना के तहत प्रत्येक जनपद में एक छोटी नदी के कायाकल्प अथवा क्षमता वृद्धि के लिए नदी का चयन किया जाना था। प्रारंभिक स्तर पर सिंचाई विभाग की ओर से उदंती नदी को प्राथमिकता में रखा गया था। हालांकि, मगई नदी से प्रभावित किसानों द्वारा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों, प्रकाशित समाचारों की तारीखवार कटिंग और नदी की समस्या से किसानों को हो रहे नुकसान के विवरण को लगातार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के सामने किसान मृत्युंजय राय द्वारा रखा गया। इसके बाद मगई नदी के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई।
किसानों का कहना है कि वर्ष 1990 से मगई नदी में शारदा सहायक नहर का पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलप्रवाह और उससे जुड़े कृषि क्षेत्र में लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं। इसका प्रभाव गाजीपुर की मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र 378, जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र 377 तथा बलिया की फेफना विधानसभा क्षेत्र 360 के किसानों पर पड़ता है।
किसानों के अनुसार समय पर पानी और नदी के स्वाभाविक बहाव की समस्या के कारण कई बार बुवाई में देरी होती है। विलंब से बोई गई फसलों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। गर्मी बढ़ने पर फसलों के फूल मुरझाने, फलियों में दाने नहीं बनने और खेतों में खड़ी फसल को काटे बिना छोड़ देने जैसी स्थिति पैदा होती रही है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और कृषि आधारित परिवारों के सामने कर्ज, बेरोजगारी तथा पलायन जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं।
मगई नदी की समस्या के समाधान के लिए इस वर्ष 6 जनवरी 2026 से अभियान चलाया जा रहा है। 6 जनवरी को खेतों में जलभराव और किसानों की स्थिति को मीडिया के सामने रखा गया। इसके बाद 16 अप्रैल को उन खेतों को मीडिया के सामने दिखाया गया जहां किसानों के अनुसार फसल कटाई के बिना छूट गई थी।
19 अप्रैल को किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष लल्लन यादव राजापुर पहुंचे और प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। किसानों के अनुसार उन्होंने मौके से फसल की स्थिति को लेकर लाइव भी किया।
24 मई 2026 को राज्यसभा सांसद नीरज शेखर से मगई नदी से प्रभावित किसान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर विस्तृत प्रार्थना पत्र के साथ पुराने आवेदन और समाचार पत्रों की कटिंग उपलब्ध कराई। इसके बाद 6 जून 2026 को सांसद नीरज शेखर ने जिलाधिकारी गाजीपुर को पत्र लिखकर समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई का अनुरोध किया।
इसके क्रम में 9 जून 2026 को जिलाधिकारी गाजीपुर की ओर से सिंचाई विभाग गाजीपुर को कार्ययोजना तैयार करने के लिए पत्र भेजा गया।
इसी दौरान 24 मई को पूर्व कैबिनेट मंत्री नारद राय से भी मगई नदी की समस्या को लेकर चर्चा हुई। चूंकि बलिया का फेफना क्षेत्र भी नदी से प्रभावित है, इसलिए उनके स्तर से भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता किए जाने की बात सामने आई।
20 जून 2026 को गाजीपुर के एकदिवसीय दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के सिंचाई जल संसाधन एवं बाढ़ मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में किसान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की कटिंग के साथ पूरी समस्या मंत्री के समक्ष रखी।
किसानों के अनुसार इस दौरान मंत्री ने नदी की खुदाई का कार्य गर्मी तक कराए जाने की बात कही थी।
8 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल जी द्वारा मगई नदी समस्या के समाधान हेतु सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखें
17 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को भी किसानों ने प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें पूर्व वर्ष 2016 मे में करीब 30 ग्राम प्रधानों और 55 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भी शामिल थे। किसानों के अनुसार मंत्री के साथ समस्या पर विस्तृत चर्चा हुई।
इसके बाद 20 अगस्त 2026 को पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई जल संसाधन एवं बाढ़ मंत्री को मगई नदी की समस्या के संबंध में पत्र लिखा।
इसी क्रम में 17 अगस्त को बलिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद सनातन पांडेय ने मुहम्मदाबाद डाक बंगले में किसानों से मुलाकात के दौरान कहा कि यदि सरकार और प्रशासन समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं देते हैं तो वह अपनी सांसद निधि से सहयोग करने का प्रयास करेंगे।
मगई नदी की समस्या को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों से भी किसानों ने संपर्क किया। 18 अगस्त 2026 को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बलिया जाते समय किसानों ने हाटा मगई नदी पुलिया पर उन्हें पत्रक सौंपकर समस्या से अवगत कराया।
भाजपा नेता एवं पूर्व पीसीएस अधिकारी मनोज राय ने भी नदी की समस्या के समाधान के लिए चल रहे प्रयासों में योगदान देने की बात कही।
ब्रह्मर्षी वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र राय बबलू द्वारा मृत्युंजय कुमार राय के फोन पर बताया गया प्रयागराज उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) में मगई नदी के संबंध में जो भी खर्च आएगा उसे हमारा संगठन बहन करेगा और संगठन मंगई नदी पीड़ित किसानों के साथ खड़ा रहेगा
18 अगस्त को घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय को मगई नदी की समस्या किसान नेता मृत्युंजय राय द्वारा से अवगत कराया गया। 25 अगस्त को उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से मगई नदी की समस्या के समाधान की बात उठाई।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र यादव से भी किसानों की कई बार वार्ता हुई है। किसानों के अनुसार उन्होंने 7 अक्टूबर को प्रस्तावित लखनऊ प्रदर्शन एवं घेराव में मगई नदी की समस्या को प्रमुखता से रखने की बात कही है।
राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत से भी किसानों द्वारा समस्या के समाधान को लेकर वार्ता किए जाने की जानकारी दी गई है।
वहीं 5 सितंबर 2026 को राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने मगई नदी की समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी गाजीपुर से वार्ता किये। इसके बाद 8 सितंबर 2026 को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने लखनऊ में सिंचाई जल संसाधन एवं बाढ़ मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर अपने पैड पर मगई नदी की समस्या के समाधान के लिए पत्र दिया। किसानों के अनुसार मंत्री ने इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों से वार्ता किया गया।
मगई नदी से प्रभावित किसानों का कहना है कि इस वर्ष 6 जनवरी से चलाए जा रहे अभियान में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, किसान संगठनों तथा गाजीपुर और बलिया के पत्रकारों का सहयोग मिला है।
किसानों के अनुसार गाजीपुर के पत्रकारों ने जब भी किसी बड़े नेता की प्रेस वार्ता की, वहां मगई नदी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि लगातार उठाई गई आवाज का परिणाम अब 63 करोड़ 32 लाख रुपये की प्रस्तावित कार्ययोजना के रूप में दिखाई दे रहा है।
किसानों ने उम्मीद जताई है कि कार्ययोजना को शीघ्र स्वीकृति मिलेगी और 125 किलोमीटर मगई नदी की खुदाई एवं क्षमता वृद्धि का कार्य शुरू होने से वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके
इस पूरी लड़ाई में किसान नेता मृत्युंजय कुमार राय बुल्लू राय,कृष्ण गोपाल राय, हरेंद्र प्रसाद राय, चंद्रभूषण राय,मृत्युंजय राय मुन्ना,नरेंद्र प्रसाद राय, सरोज राय, मनीष राय द्वारा अपना निजी कार्य त्याग कर मगई नदी के लिए निरंतर प्रयास किया गया जिसका परिणाम दिखाई दे रहा है।
