लखनऊ।राजधानी में नगर निगम की घोर लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी ने एक बार फिर एक मासूम की जिंदगी लील ली। चिनहट क्षेत्र के अशरफ विहार में शनिवार को खेलते समय तीन बच्चे सड़क किनारे बने एक गहरे और खुले नाले में अचानक गिर गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से दो बच्चों को तो कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 5 वर्षीय मासूम को नहीं बचाया जा सका और नाले में डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
यह दर्दनाक हादसा सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली और रखरखाव के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अशरफ विहार में लंबे समय से यह नाला बिना किसी कवर या बैरिकेडिंग के खुला पड़ा हुआ था। निवासियों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर नाले को ढकने की गुहार लगाई थी, लेकिन हर बार उनके आवेदनों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
मानसून और जलभराव के दौरान खुले नालों को ढकने और सुरक्षा उपाय पुख्ता करने के प्रशासनिक दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर नगर निगम ने समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो आज उस मासूम की जान बच सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और क्षेत्र के सभी खुले नालों को ढका नहीं जाता, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।
राजधानी के पॉश और विकसित होने का दावा करने वाले इलाकों में इस तरह खुले पड़े नाले आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा ढांचागत संकट बन चुके हैं। अब देखना यह होगा कि क्या शासन-प्रशासन इस आपराधिक लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई करता है या यह मामला भी केवल औपचारिक जांच के आश्वासनों तक सीमित रह जाएगा।
