सुलतानपुर। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण में सुलतानपुर पुलिस ने एंटी रोमियो अभियान को और प्रभावी बनाने की कवायद शुरू की है। पुलिस की टीमें स्कूल-कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र, पार्क, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं व छात्राओं से फीडबैक ले रही हैं। प्राप्त शिकायतों और सुझावों के आधार पर थानावार संवेदनशील स्थानों की हॉटस्पॉट मैपिंग की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के तहत चिन्हित हॉटस्पॉट पर एंटी रोमियो स्क्वाड की निगरानी बढ़ाई जाएगी। छींटाकशी, अभद्र टिप्पणी या महिलाओं व छात्राओं को परेशान करने वाले युवकों को चिह्नित कर रेड कार्ड के माध्यम से अंतिम चेतावनी दी जाएगी। ऐसे व्यक्तियों का विवरण भी निर्धारित प्रारूप में दर्ज कर रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। दोबारा ऐसी गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने छात्राओं और महिलाओं को 1090 महिला पावर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 108 व 102 स्वास्थ्य सेवाएं और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन समेत अन्य जरूरी नंबरों की जानकारी दी। थाना स्तर पर संचालित महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति केंद्र के बारे में भी जागरूक किया गया।
’चांदा’ में छात्राओं से लिया फीडबैक थाना चांदा की मिशन शक्ति टीम ने पटवा आदर्श इंटर कॉलेज, रजवाड़े रामपुर में पहुंचकर छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। टीम ने छात्राओं से उनकी समस्याओं और सुरक्षा से संबंधित परेशानियों के बारे में भी जानकारी ली। अभियान में उपनिरीक्षक राधेश्याम द्विवेदी, महिला हेड कांस्टेबल अभिलाषा उपाध्याय और कांस्टेबल आकाश शर्मा शामिल रहे।
थाना लंभुआ की एंटी रोमियो और मिशन शक्ति टीम ने कंपोजिट विद्यालय रामपुर कुर्मियां पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा से संबंधित टोल फ्री नंबरों की जानकारी दी। टीम ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। साथ ही साइबर ठगी से बचने के उपाय भी बताए गए। अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार राय, कांस्टेबल आजम अली और महिला कांस्टेबल रिंकू यादव शामिल रहीं।
पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा में उनकी सीधी भागीदारी बढ़ाना तथा शिकायतों के आधार पर संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
