5 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा, फिल्म निर्माता से 10 लाख की ठगी
September 23, 2026
फिल्म बनाने के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहे एक फिल्म निर्माता को कथित तौर पर फर्जी फाइनेंस कंपनी के झांसे में फंसाकर 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठ ली गई. आरोपियों ने 5 करोड़ रुपये का प्राइवेट लोन दिलाने का भरोसा दिया और प्रोसेसिंग, स्टैंप ड्यूटी और वकील की फीस के नाम पर 10.03 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. रकम मिलने के बाद जब लोन नहीं मिला और आरोपियों से संपर्क भी नहीं हो सका, तब निर्माता को ठगी का एहसास हुआ. मामले में अंबोली पुलिस ने हरेकृष्णा फाइनेंस के कौशिक लाठिया और उसके साथी लैविन कन्हैयालाल परियानी के खिलाफ केस दर्ज किया है.
पुलिस के मुताबिक, अंधेरी पश्चिम के चार बंगला इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय फिल्म निर्माता हेमंतकुमार विट्ठलराव महाले वर्ष 2018 से एचएमजी एंटरटेनमेंट बैनर के तहत फिल्में बना रहे हैं. अपनी आगामी फिल्म के लिए उन्हें बड़ी रकम की जरूरत थी.
20 नवंबर 2025 को इंस्टाग्राम चलाते समय उन्हें हरेकृष्णा फाइनेंस का एक विज्ञापन दिखाई दिया. विज्ञापन में कम ब्याज दर पर प्राइवेट लोन देने का दावा किया गया था. महाले ने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद उनकी बातचीत कौशिक लाठिया से हुई.
आरोपी ने महाले का भरोसा जीतने के लिए 23 नवंबर 2025 को उनके साथ जूम मीटिंग की. इस दौरान लाठिया ने दावा किया कि उसकी संस्था फिल्म निर्माण, प्रोजेक्ट फाइनेंस और बिल्डिंग रीडेवलपमेंट जैसे कामों के लिए 10 करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध कराती है.
आरोपी ने 10 फीसदी सालाना ब्याज दर का दावा करते हुए यह भी कहा कि लोन के लिए हर महीने EMI नहीं देनी होगी. साल में सिर्फ एक बार ब्याज और मूलधन का भुगतान करना होगा. इन दावों पर भरोसा करते हुए महाले ने 5 करोड़ रुपये के लोन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.
इसके बाद आरोपी कौशिक लाठिया ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अलग-अलग चार्ज के नाम पर रकम मांगी. महाले से 1 फीसदी ई-रजिस्ट्रेशन फीस, 1 फीसदी स्टैंप ड्यूटी और 3 हजार रुपये वकील की फीस के तौर पर कुल 10,03,000 रुपये जमा करने को कहा गया.
महाले ने 24 नवंबर 2025 को आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में यह रकम ट्रांसफर कर दी. पुलिस के अनुसार, यह बैंक खाता लैविन कन्हैयालाल परियानी के नाम पर था.
आरोपियों ने महाले को भरोसा दिलाया था कि पैसे जमा करने और प्रक्रिया पूरी होने के महज तीन घंटे के भीतर 5 करोड़ रुपये की लोन राशि उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगी.
रकम ट्रांसफर करने के बाद महाले लोन की रकम अपने खाते में आने का इंतजार करते रहे. लेकिन तय समय बीतने के बाद भी उनके खाते में 5 करोड़ रुपये नहीं आए. जब उन्होंने कौशिक लाठिया से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया.
महाले ने ईमेल के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्हें समझ आया कि लोन दिलाने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.
इसके बाद महाले ने 1 दिसंबर 2025 को अपने साथ हुई पूरी घटना का वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड किया. इस वीडियो को गुजरात के देवेंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति ने देखा और महाले से संपर्क किया. देवेंद्र सिंह ने कथित तौर पर बताया कि कौशिक लाठिया ने उनके एक ग्राहक के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की थी. उन्होंने महाले को लैविन परियानी का सीधा संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया.
पुलिस की शुरुआती जांच में मामले की एक और कड़ी सामने आई है. पूछताछ के दौरान आरोपी लैविन परियानी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि ठगी की रकम में से 1 लाख रुपये उसने कमीशन के तौर पर अपने पास रखे थे.
अब अंबोली पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रही है. पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी किसी बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं. साथ ही उनके बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और इसी तरीके से ठगी के संभावित अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है.
