बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमार गिरी और जिला महामंत्री शैलेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा। संगठन ने शासन को तीन अक्टूबर तक का समय देते हुए मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में संघ ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों से लेकर जिला चिकित्सालयों तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक कर्मचारी लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सेवा सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
संघ ने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन को अपनी प्रमुख मांग बताया है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे एनएचएम संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। साथ ही समान कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।
संघ ने कहा है कि यदि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होती है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से संविदा कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ निर्णय लेने की अपील की है।
ज्ञापन में नियमितीकरण और समान वेतन के अलावा संविदा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई है। इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति लागू करने, सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित पदों की भर्ती में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।
संघ ने कहा है कि यदि तीन अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन शुरू किया जाएगा।
5, 6 और 7 अक्टूबर को कर्मचारी काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध करेंगे। 5, 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
इसके बाद 12 अक्टूबर से मांगों पर निर्णय नहीं होने अथवा संगठन के राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।
