लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जोन के महिगवां थाना क्षेत्र के गनेशपुर गांव में निर्माणाधीन मकान में चैकीदार सतीश यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डीसीपी उत्तरी की सर्विलांस टीम और महिगवां पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं सतीश के 17 साल 6 महीने के नाबालिग भाई को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह पारिवारिक विवाद और पैतृक जमीन को लेकर चल रहा झगड़ा सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग भाई ने अपने पुराने दोस्त आनंद कुमार निवासी फर्रुखाबाद के जरिए हत्या की साजिश रची थी। हत्या के लिए 88 हजार रुपए की सुपारी तय हुई थी। इसमें से 58 हजार रुपए पहले ही दे दिए गए थे, जबकि बाकी 30 हजार रुपए हत्या के बाद देने थे।
पूछताछ में सामने आया कि सतीश शराब पीने का आदी था। पुलिस के मुताबिक, उसने ननिहाल से मिली जमीन बेच दी थी। इसके बाद वह पैतृक जमीन बेचने की बात को लेकर माता-पिता से विवाद करता था। परिवार के लोग इससे परेशान थे। इसी विवाद के चलते छोटे भाई ने उसकी हत्या कराने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन नाबालिग भाई गोमतीनगर स्थित कांति हॉस्पिटल में एक डॉक्टर के यहां काम करने चला गया था। इधर आनंद कुमार ने दीपक रावत निवासी फर्रुखाबाद, रचित रावत निवासी पहाड़पुर और बलबीर निवासी फर्रुखाबाद के साथ मिलकर सतीश की हत्या कर दी। वारदात के बाद बलबीर फरार हो गया। नाबालिग भाई की आनंद कुमार से पुरानी दोस्ती थी। इसी के जरिए उसने आनंद से हत्या की बात तय की। पुलिस अब फरार बलबीर की तलाश कर रही है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो बाइक बरामद की हैं। इनमें सुपर स्प्लेंडर (न्च्32भ्थ्3427) और स्प्लेंडर (न्च्32ळब्7192) शामिल हैं। फरार बलबीर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं डीसीपी नॉर्थ अमित कुमार आनंद ने बताया कि पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि हत्या की साजिश मृतक के भाई ने रची थी। मृतक सतीश यादव दबंग किस्म का व्यक्ति था। उसने ननिहाल की सारी जमीन बेच दी थी और अब पैतृक जमीन भी बेचना चाहता था,परिवार के लोगों से लगातार मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर उसके भाई ने करीब 10 से 12 दिन पहले अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी,मृतक गांव के बाहर चार-पांच दिन से सो रहा था। इसकी जानकारी उसके भाई ने अपने दोस्तों को दी थी। इसके बाद सभी वहां पहुंचे और सतीश पर चाकू और सरिया से हमला कर दिया। हमले के दौरान सतीश की आंख खुल गई,वह जान बचाने के लिए निर्माणाधीन मकान की छत से कूदकर गांव की तरफ भागा। उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
