आगरा। राज्य कर विभाग की सचल दल यूनिट-3 ने सैया टोल पर इंदौर से आगरा आ रही राधिका ट्रेवल्स की बस को जांच के लिए रोका। बस में लदे विभिन्न सामान के प्रपत्र मांगे जाने पर चालक कुछ माल के इनवॉइस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद बस को जीएसटी प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए राज्य कर विभाग के आगरा कार्यालय परिसर में लाया गया।
विभाग द्वारा बस में लदे माल के भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जांच के दौरान बस में रखे पांच नग खोलकर देखे तो उनमें 17 पैकेट में सफेद धातु के आभूषण मिले। चालक द्वारा इनमें से कुछ आभूषणों से संबंधित बिल प्रस्तुत किए गए, जिनमें उन्हें चांदी के आभूषण बताया गया था।
विभाग ने सफेद धातु के आभूषणों का लैब से टंच परीक्षण कराया। विभिन्न नमूनों की जांच में 18 से 90 प्रतिशत तक सिल्वर यानी चांदी की मात्रा पाई गई। विभाग के अनुसार बिल से आच्छादित और अनाच्छादित आभूषणों को मिलाकर इनका कुल सकल वजन करीब 220 किलोग्राम पाया गया।
इसके अलावा बस में लदे अन्य सामान की भी कमेटी द्वारा जांच की गई। इसमें बिना इनवॉइस के मेडिसिन, ऑटो पार्ट्स, हार्डवेयर, कपड़ा सहित अन्य सामान मिला है। विभाग द्वारा इन सामानों का मूल्यांकन कराया जा रहा है।
चांदी के आभूषणों से संबंधित चालक द्वारा प्रस्तुत इनवॉइस का भी विभागीय पोर्टल के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इन बिलों में सप्लायर फर्म राजकोट की और प्राप्तकर्ता फर्में आगरा की बताई गई हैं। विभाग द्वारा विक्रेता और क्रेता फर्मों की भी जांच की जा रही है।
राज्य कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों और माल के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जीएसटी प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
