लखनऊ। हुनर जब आत्मविश्वास से जुड़ता है तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। इसी उद्देश्य के साथ पाण्डेय कॉम्प्लेक्स, मोहनलालगंज में चल रहे 15 दिवसीय कौशल सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह मंगलवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली बालिकाओं एवं महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें अपने हुनर को रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ द्वारा जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं एवं महिलाओं को ब्यूटी पार्लर से संबंधित रोजगारपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी कौशल के साथ-साथ रोजगार, स्वरोजगार, बैंकिंग योजनाओं एवं उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, अलीगंज, लखनऊ की प्राचार्य श्रीमती तनूजा ने प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त हुनर को केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित न रखें, बल्कि निरंतर अभ्यास और मेहनत के माध्यम से इसे अपनी आजीविका का साधन बनाएं। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, लगन और मेहनत के साथ महिलाएं स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बन सकती हैं।
आरसेटी, बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक श्री देशराज गौतम ने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं एवं महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने बैंकिंग योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल को छोटे व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पूर्व सैनिक श्री अजीत यादव ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल अवसर मिलने से नहीं, बल्कि अवसर का सही उपयोग करने से मिलती है। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ सीखे गए हुनर को रोजगार में बदलकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री अवधेश कुमार ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ेंगे।
समापन अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त करते समय प्रशिक्षणार्थियों के चेहरों पर खुशी, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद दिखाई दी। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण के लिए आयोजकों एवं प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर औद्योगिक सहकारी पर्यवेक्षक श्री जितेन्द्र नाथ शुक्ला, विपिन यादव सहित प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
