- 1000 से अधिक पुराने वाद मिलने पर तहसीलदार समेत पांच का वेतन रोकने का आदेश
कुंडा/प्रतापगढ़। संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों की गैरहाजिरी, रजिस्टरों में अनियमितता और राजस्व वादों की भारी पेंडेंसी देखकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने कुंडा तहसील में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस से गायब मिले 11 विभागीय अधिकारियों का वेतन रोकने, लेखपालों की अनुपस्थिति पर लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री व मंत्री के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तथा 1000 से अधिक पुराने वाद लंबित मिलने पर तहसीलदार समेत पांच अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
संपूर्ण समाधान दिवस पर मंडलायुक्त ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। प्रकरणों के निस्तारण के लिए लेखपालों के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच हालिया विवाद के कारण लेखपाल सुनवाई कक्ष में नहीं जा रहे हैं। मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कुंडा को लेखपाल एसोसिएशन के महामंत्री और मंत्री के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने को कहा।
जुलाई और अगस्त के समाधान दिवसों के निस्तारण रजिस्टरों की जांच में आख्या में अनियमितता और अपूर्णता मिली। कई मामलों में मौके की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किए बिना आख्या दर्ज किए जाने की स्थिति सामने आई। पंजीकरण रसीदों में भी खामियां मिलीं और अलग-अलग प्रकरणों में एक ही क्रमांक की रसीद अंकित पाई गई। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर संबंधित माल बाबू के खिलाफ एडवर्स एंट्री व विभागीय कार्रवाई तथा सभी रजिस्टर तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
धारा 33 एवं 34 के वादों की समीक्षा में धारा 34 के 90 दिन से अधिक पुराने एक हजार से ज्यादा वाद लंबित मिले। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मंडलायुक्त ने तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक और तीनों नायब तहसीलदारों का वेतन लंबित वादों की पेंडेंसी शून्य होने तक रोकने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने एसडीएम कुंडा को कड़ी चेतावनी देते हुए शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिलेखों के रखरखाव, अधिकारियों की उपस्थिति और राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडलायुक्त द्वारा की गई कार्यवाही के कारण विभाग में हड़कंप मचा रहा। अब देखना होगा कि मंडलायुक्त की कार्यवाही के बाद कुंडा तहसील के अधिकारियों की कार्यशैली में कितना प्रभाव पड़ता है।
