बलिया। मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिले के किसानों को अब मिलेट्स की उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन 2026-27 के न्यूट्री सीरियल घटक और उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत किसानों का 10 सदस्यीय दल बिहार के समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के लिए रवाना हुआ।
उप निदेशक कृषि बलिया मनीष कुमार सिंह ने बस को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मड़ुआ, सांवा, कोदो सहित अन्य मोटे अनाजों की वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की जानकारी दी जाएगी। इसमें भूमि की तैयारी से लेकर उन्नत प्रजातियों का चयन, बुवाई, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, कटाई और भंडारण तक की तकनीक बताई जाएगी।
किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि मिलेट्स के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उनसे पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की विधि का भी प्रशिक्षण मिलेगा। इसके माध्यम से किसान मिलेट्स से जुड़े उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उप निदेशक कृषि ने कहा कि मिलेट्स की खेती किसानों के लिए आर्थिक दृष्टि से उपयोगी होने के साथ पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी, जिसे वे अपने खेतों में अपनाकर उत्पादन बेहतर कर सकते हैं।
प्रशिक्षण से लौटने के बाद किसानों से अपेक्षा की गई है कि वे सीखी गई तकनीकों को अपने क्षेत्र के अन्य किसानों तक भी पहुंचाएं। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को मोटे अनाजों की खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और उपयोग को बढ़ावा देना है।
