रुद्रपुर। बंगाली कल्याण समिति उत्तराखंड की ओर से बंगाली समाज की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चलाया जा रहा 10 दिवसीय धरना-प्रदर्शन चैथे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर समाज के लोगों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि बंगाली समाज लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है और अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने बताया कि आंदोलन के तहत चार प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इनमें विस्थापित बंगाली समाज की संबंधित जातियों को उत्तराखंड में अनुसूचित जाति का अधिकार दिलाना, प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बांग्ला भाषा में शिक्षा की व्यवस्था करना, शक्तिफार्म समेत अन्य पुनर्वासित क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित भूमिधरी अधिकार प्रदान करना तथा पिछले करीब आठ वर्षों से बंद छात्रवृत्ति एवं सहायता योजनाओं को दोबारा शुरू करना शामिल है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि इन मांगों का सीधा संबंध समाज के विद्यार्थियों, किसानों, विस्थापित परिवारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। समिति ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस पहल करने की अपील की।।
