पीलीभीत। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) न्यूरिया हुसैनपुर में आगामी 09 सितंबर को प्रस्तावित बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र के शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम को व्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानन्द, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुर्कीति माधव ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, किसानों और आमजन के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम के दिन किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास केंद्रीय राज्यमंत्री वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, भारत सरकार जितिन प्रसाद, कैबिनेट मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान बलदेव सिंह औलख तथा अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र को क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती की तकनीकों और कृषि अनुसंधान से संबंधित जानकारी एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और अनुसंधान संबंधी जानकारी का सीधा लाभ मिल सकेगा। इससे कृषि उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल और मुख्य मार्गों पर चुस्त-दुरुस्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक योजना तैयार कर वाहनों के व्यवस्थित आवागमन की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही वाहनों के ठहराव के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित किया जाए।
कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए पर्याप्त पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं का पुनः निरीक्षण कर कमियों को दूर करने को कहा गया।पुलिस विभाग की ओर से भी कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है, ताकि वीआईपी आगमन के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
