बरखेड़ा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई शादी के बाद पत्नी की विदाई न होने और शादी के दौरान दिए गए सामान को ससुराल पक्ष द्वारा अपने पास रख लेने का मामला सामने आया है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव खमरिया पंडरी निवासी आशिक पुत्र मोहम्मद नवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता के मुताबिक करीब डेढ़ वर्ष पहले उसका रिश्ता गुलचमन पुत्री सगीर अहमद के साथ तय हुआ था। रिश्ता पक्का होने के दौरान उसने अपनी हैसियत के अनुसार दो जोड़ी कपड़े, चांदी की एक जोड़ी पायल, सोने की अंगूठी और 10,786 रुपये नकद दिए थे। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से शादी तय हो गई थी और मार्च 2026 में ईद के आसपास विवाह होना प्रस्तावित था।आशिक का आरोप है कि 10 मार्च 2026 को पीलीभीत मंडी परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी दौरान लड़की पक्ष के लोगों ने उसे फोन कर बुलाया और हस्ताक्षर कराने की बात कही। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को पूरी जानकारी दिए बिना सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गुलचमन का विवाह करा दिया गया। उसका कहना है कि बाद में सरकार की ओर से विवाह के दौरान उपलब्ध कराए गए सामान, कपड़े, बर्तन और अन्य सामग्री को लड़की पक्ष के लोग अपने साथ ले गए।
शिकायत में बताया गया है कि विवाह के बाद उसे आश्वासन दिया गया था कि कुछ समय बाद पत्नी की विधिवत विदाई कर दी जाएगी। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी विदाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार वह कई बार अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ पत्नी को विदा कराने ससुराल पहुंचा, लेकिन हर बार उसे वापस लौटना पड़ा।
आशिक का यह भी आरोप है कि शादी के समय उसके द्वारा दिए गए कपड़े, जेवर और नकदी भी वापस नहीं किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इससे परेशान होकर उसने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत मिले सरकारी सामान तथा उसके द्वारा विवाह के लिए दिए गए सामान और नकदी की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है।
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