संग्रामपुर: छत गिरी, उम्मीद टूटी! आवास योजना से अब भी महरूम गरीब
August 26, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के मुहीब साह गांव में बारिश के दौरान एक गरीब परिवार का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से परिवार के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन तो कई बार मिला, लेकिन आज तक उन्हें पक्का आवास उपलब्ध नहीं कराया गया। अब परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। मुहीब साह निवासी भानुमती पत्नी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। बीती बरसात में लगातार बारिश के कारण मकान की हालत बेहद जर्जर हो गई थी। परिवार को पहले से ही मकान गिरने का डर सता रहा था। इसी बीच बीती रात करीब दो बजे अचानक मकान का एक हिस्सा गिरने लगा। घर में मौजूद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने अपनी जान बचाई। भानुमती के अनुसार, करीब चार बजे तक उनका पूरा कच्चा मकान भरभराकर जमीन पर गिर गया। मकान के अंदर रखी गृहस्थी का सामान भी मलबे में दब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार की मदद करते हुए मलबे से घरेलू सामान बाहर निकलवाया। गनीमत रही कि मकान गिरने के दौरान परिवार के किसी सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई। पीड़िता ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं। उनके पति विजय कुमार वर्मा परिवार के भरण-पोषण के लिए परदेश में रहकर मजदूरी करते हैं। पति के बाहर रहने के कारण घर और परिवार की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर है। मकान गिर जाने के बाद बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर रहने की चिंता लगातार बनी हुई है। भानुमती का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि गरीब परिवार होने के बावजूद यदि समय रहते आवास योजना का लाभ मिल जाता तो आज यह स्थिति नहीं आती। कच्चे मकान के गिर जाने के बाद परिवार की पूरी गृहस्थी अस्त-व्यस्त हो गई है। पीड़िता ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल मदद की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार गरीबों को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचना जरूरी है। परिवार को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर स्थलीय जांच कराएंगे और जल्द आवास उपलब्ध कराने की कार्रवाई करेंगे।
