25 ट्रेडों तक बढ़ी योजना, भड़भूजा (भुर्जी) समाज के कारीगरों को भी मिलेगा प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण का लाभ
शाहाबाद/रामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का दायरा बढ़ाकर 25 ट्रेडों तक किए जाने और इसमें भड़भूजा (भुर्जी) समाज को शामिल करने के निर्णय का क्षेत्र में स्वागत किया जा रहा है। इस अवसर पर भूमि विकास बैंक चेयरमैन शाहाबाद महेश चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इसे पारंपरिक कारीगरों के हित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला बताया।
महेश चंद्रवंशी ने कहा कि लंबे समय से भुर्जी समाज के लोग अपने पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े होने के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में शामिल होने से समाज के युवाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, आसान ऋण और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य कर रही है। योजना के तहत प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को आधुनिक टूलकिट, स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता तथा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे भुर्जी समाज के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
महेश चंद्रवंशी ने कहा कि यह निर्णय केवल एक समाज के लिए नहीं बल्कि प्रदेश के सभी पारंपरिक कारीगरों के सम्मान और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार भविष्य में भी समाज के हित में इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू करती रहेगी। साथ ही उन्होंने भुर्जी समाज के लोगों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और प्रशिक्षण के लिए आगे आने की अपील की।
