पीलीभीत। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने का मामला सामने आया है। राशन ढुलाई का कार्य पूर्व की भांति स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने की मांग को लेकर समूह की महिला सदस्यों ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने अपनी समस्या बताते हुए रोजगार से जुड़े कार्य को दोबारा समूहों को दिलाए जाने की मांग की। महिलाओं ने ज्ञापन में बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के गोदाम से राशन उठाकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने का काम स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा वर्ष 2020-21 से किया जा रहा था। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा था। आरोप है कि अब विभाग की ओर से राशन ढुलाई का यह कार्य किसी अन्य निजी संस्था को सौंप दिया गया है। इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के सामने काम और आमदनी का संकट उत्पन्न हो गया है।
महिला सदस्यों ने राज्य मंत्री से मांग की कि राशन ढुलाई का कार्य पूर्व व्यवस्था के अनुसार स्वयं सहायता समूहों को ही सौंपा जाए। उनका कहना था कि समूह की महिलाओं ने वर्षों तक जिम्मेदारी के साथ यह कार्य किया है और इससे मिलने वाली आय उनके परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई थी। काम बंद होने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। महिलाओं की बात सुनने के बाद राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने उन्हें समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने ज्ञापन की प्रति जिलाधिकारी को भेजने के साथ ही फोन पर अधिकारियों से वार्ता कर पूरे मामले की स्थिति की जानकारी ली। राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से पूर्व की भांति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ही राशन ढुलाई का कार्य दिए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
ज्ञापन सौंपने के बाद रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर समूह की सदस्य राखी ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार को राखी बांधी। मंत्री ने बहन का स्नेह स्वीकार करते हुए उन्हें उपहार भेंट किया और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान माहौल आत्मीय नजर आया।
ज्ञापन देने वालों में अनीता, राखी, हीराकली, गीता देवी, रुबीना, कलावती, फरीन, अंजुम, बनी, नेहा, नसरीन, सलीम बानो सहित स्वयं सहायता समूह की अन्य सदस्य महिलाएं मौजूद रहीं। साथ ही महिलाओं ने उम्मीद जताई कि राज्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उनकी रोजगार से जुड़ी समस्या का शीघ्र समाधान होगा और राशन ढुलाई का कार्य दोबारा स्वयं सहायता समूहों को मिल सकेगा।
