अमेठीः सक्षम केएमसी पहल का शुभारम्भ! कम वजन नवजातों को घर पर मिलेगी बेहतर देखभाल
August 24, 2026
अमेठी। समय से पूर्व जन्मे एवं कम जन्म वजन वाले नवजात शिशुओं की बेहतर, सुरक्षित एवं निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में जनपद अमेठी ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सोमवार को विकास खंड बहादुरपुर सभागार में गृह आधारित कंगारू मातृ देखभाल (होम बेस्ड कंगारू मदर केयर) कार्यक्रम ‘सक्षम केएमसी’ का भव्य शुभारम्भ उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह एवं जिलाधिकारी संजय चैहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़ी इस अभिनव पहल के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामुदायिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि यह कार्यक्रम भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), जिला स्वास्थ्य समिति अमेठी तथा कम्युनिटी इम्पॉवरमेंट लैब (सीईएल) के संयुक्त प्रयास एवं तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी समय से पूर्व जन्मे एवं कम वजन वाले नवजातों को घर पर आवश्यक देखभाल, निगरानी और परामर्श उपलब्ध कराना है। ‘सक्षम केएमसी’ पहल का प्रारंभिक क्रियान्वयन तिलोई ब्लॉक के छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में किया गया, जहां इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए, जिससे नवजात देखभाल की यह व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने कहा कि यह मॉडल स्वास्थ्य संस्थानों और परिवारों के बीच एक मजबूत एवं सतत सेतु का कार्य करेगा तथा “अस्पताल से घर तक गुणवत्तापूर्ण नवजात देखभाल” सुनिश्चित करेगा। जिलाधिकारी संजय चैहान ने कहा कि वर्तमान में यह पहल तिलोई और बहादुरपुर ब्लॉक से शुरू की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी विकास खंडों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिलोई ब्लॉक में प्राप्त अनुभवों एवं सीखों के आधार पर एक व्यवहारिक, प्रमाण-आधारित और विस्तार योग्य मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाने तथा उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी और समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम में बताया गया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में मान्यता प्राप्त कम्युनिटी इम्पॉवरमेंट लैब (सीईएल) स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इस मॉडल के प्रभावी संचालन, स्वास्थ्यकर्मियों के क्षमता निर्माण तथा समुदाय आधारित नवजात देखभाल प्रणाली को मजबूत करने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। आईसीएमआर के साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड एवं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. विश्वजीत कुमार ने कहा कि यह पहल समय से पूर्व जन्मे एवं कम जन्म वजन वाले नवजातों की समय पर पहचान, कंगारू मातृ देखभाल की शीघ्र शुरुआत, परिवारों को निरंतर मार्गदर्शन और नियमित फॉलो-अप को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नवजात देखभाल सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर घर और समुदाय तक पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नवजात को समय पर आवश्यक देखभाल एवं सहयोग मिल सके।
