हिजाब की मांग वाली याचिका खारिज होने पर बोले BJP नेता नलिन कोहली! धर्म आधारित स्कूल में पढ़ें..
August 25, 2026
स्कूल में हिजाब पहनने की एक छात्रा की याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट के खारिज करने पर सीनियर एडवोकेट और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली का बयान आया है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि ये फैसला असल में सुप्रीम कोर्ट के उस तय कानून पर आधारित लगता है, जिसमें बताया गया है कि धर्म की जरूरी प्रथा क्या है.
उन्होंने कहा कि जो स्कूल किसी अल्पसंख्यक या धार्मिक संगठन ने नहीं बनाया है, वह एक सेक्युलर स्कूल होता है. जाहिर है, वहां ध्यान पढ़ाई और तय सिलेबस के हिसाब से शिक्षा देने पर होगा और वहां यूनिफॉर्म पहनना जरूरी होगा.
नलिन कोहली ने कहा कि अगर कोई परिवार या बच्चा अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखना चाहता है या अपने धर्म के नियमों का पालन करना चाहता है तो वे निश्चित रूप से अपने धर्म द्वारा स्थापित स्कूल में जाकर पढ़ सकते हैं, क्योंकि संविधान का आर्टिकल 26 अल्पसंख्यकों को अपने शिक्षण संस्थान चलाने का अधिकार देता है लेकिन इसे किसी सेक्युलर संस्थान पर थोपा नहीं जा सकता.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एक सेक्युलर स्कूल, जो धर्म के आधार पर नहीं चल रहा है वहां पर एक यूनिफॉर्म होती है और उनका फोकस एकेडमिक और सेक्युलर करिकुलम पर होता है, जिसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं होता. उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे या परिवार को लगता है कि किसी खास धार्मिक तरीके से रहना बच्चे के लिए जरूरी है तो वे निश्चित रूप से उन धार्मिक संस्थानों में पढ़ाई कर सकते हैं, जिनकी व्यवस्था संविधान में की गई है और वो उपलब्ध भी हैं.
उन्होंने कहा कि ये स्कूल जाने-माने मुस्लिम चैरिटेबल संगठनों द्वारा चलाए जाते हैं. हालांकि यह तर्क देना कि हिजाब पहनना एक जरूरी प्रथा है, मुझे नहीं लगता कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को देखते हुए यह सही बात है.
