प्रतापगढ़। जिले में उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह ने सोमवार को बताया है कि भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2026 मौसम की फसलों का बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह ने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसल का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि ऋणी किसानों के लिए खरीफ-2026 की फसल का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026, जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत एनसीआईपीध्पीएमएफबीवाई पोर्टल खोल दिया गया है। जनपद में वर्तमान में योजना के तहत धान की फसल अधिसूचित है। धान के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित धनराशि 77,400 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि किसान अंश के रूप में 1,548 रुपये देय होंगे।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न दैवीय आपदाओं, जैसे सूखा, असफल बुवाई, खड़ी फसल में ओलावृष्टि, जलभराव, आकाशीय बिजली से आग, फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती बारिश अथवा बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान को योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा अधिसूचित जोखिमों से फसल को होने वाली क्षति पर किसानों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में किसान को 72 घंटे के भीतर संयुक्त टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देना अनिवार्य है, ताकि क्षति का समय से आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
गैर ऋणी किसान अपना फसल बीमा नजदीकी जनसेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि खतौनी एवं फसल बुवाई प्रमाण-पत्र आदि दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। वहीं पात्र ऋणी किसानों का फसल बीमा बैंक स्तर से कराया जाएगा। किसानों को फसल बीमा योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, शिकायत, सुझाव अथवा फसल नुकसान की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क करने के साथ ही नजदीकी विकासखंड के कृषि बीज भंडार, कृषि रक्षा इकाई, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय, प्रतापगढ़ से संपर्क करने की अपील की गई है।
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