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रोज 15 मिनट नंगे पैर टहलना दिल के लिए है फायदेमंद


नंगे पैर टहलना, दौड़ना और चलना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। प्राचीन आयुर्वेद पद्धति में नंगे पैर चलने को सेहत से जोड़कर देखा जाता है। प्रकृति और मिट्टी से जुड़ने पर आपके शरीर का संतुलन और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने एक पोस्ट शेयर कर बताया कि रोज 15 मिनट नंगे पैर टहलने से दिल की सेहत में सुधार आता है। उन्होंने अपने पोस्ट को कैप्शन दिया है, 'धरती से दोबारा जुड़ें'।

डॉक्टर आलोक चोपड़ा के मुताबिक, घास, रेत या मिट्टी पर नंगे पैर चलना प्रकृति से जुड़ने और स्वास्थ्य सुधारने का एक सरल तरीका है, क्योंकि इससे आराम मिलता है, तनाव कम होता है और पूरा स्वास्थ्य बेहतर होता है। उन्होंने लोगों को बताया कि रोज सिर्फ 15 से 30 मिनट नंगे पैर चलना भी स्वस्थ जीवनशैली में कितना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने समझाया, जब हमारे नंगे पैर जमीन के सीधे संपर्क में आते हैं, तो शरीर में जमा अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल चार्ज धरती में चला जाता है। उनके मुताबिक, इससे शरीर के प्राकृतिक इलेक्ट्रिकल बैलेंस को बनाए रखने में मदद मिल सकती है और कोशिकाओं को अपना सामान्य काम करने में सहायता मिलती है। रिपोलराइजेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी कोशिका की इलेक्ट्रिकल स्थिति बिगड़ने के बाद वह फिर से अपनी सामान्य स्थिति में लौट आती है।

रिपोलराइजेशन क्यों जरूरी है, इस बारे में कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि जब लाल रक्त कोशिकाएं अपनी सामान्य इलेक्ट्रिकल स्थिति में होती हैं, तो वे ज्यादा आसानी से एक-दूसरे से अलग रहकर खून में प्रवाहित हो सकती हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन यानी रक्त का प्रवाह बेहतर तरीके से होने में मदद मिल सकती है। जहां तक ​​रिपोलराइजेशन के महत्व की बात है, हृदय रोग विशेषज्ञ ने इस बात पर जोर दिया कि रिपोलराइज्ड लाल रक्त कोशिकाएं अधिक स्वतंत्र रूप से गति कर सकती हैं, जिससे हेल्दी ब्लड सर्कुलेशन में मदद मिलती है।
नंगे पैर जमीन पर चलने के फायदे

शरीर का अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल चार्ज कम करने में मदद मिल सकती है।

तनाव और स्ट्रेस कम हो सकता है और मन को आराम मिलता है।
इससे मूड बेहतर, दिमाग शांत और चीजों पर ध्यान लगाने में आसानी हो सकती है।
शरीर और मन में शांति और संतुलन का एहसास हो सकता है, जिससे नींद भी बेहतर हो सकती है।
नंगे पैर चलने से प्रकृति के करीब रहने और वर्तमान पल को महसूस करने में मदद मिलती है।

नंगे पैर कैसे चलें?

घास, मिट्टी, रेत या प्राकृतिक जमीन पर नंगे पैर चलें।
रोजाना करीब 15 से 30 मिनट तक जमीन के सीधे संपर्क में रहें।
सुबह के समय नंगे पैर चलना अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय शांत वातावरण में रिलैक्स करना आसान होता है।
इसे रोज की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की कोशिश करें।

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