ओबरा (सोनभद्र)। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को तहसील ओबरा परिसर में खैरटिया गांव की महिलाओं ने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के नेतृत्व में आबादी क्षेत्र में संचालित खनन और ब्लास्टिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए खदानों में हो रही विस्फोटक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आबादी के निकट स्थित पत्थर खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से ग्रामीणों की जान-माल को खतरा बना रहता है। ब्लास्टिंग के दौरान उड़ने वाले पत्थर कई बार घरों पर गिर चुके हैं, जबकि बारूद के धुएं से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे अपने घरों के आसपास स्थित खदानों में ब्लास्टिंग नहीं होने देंगी।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे भाकपा (माले) के जिला सचिव सुरेश कोल तथा राज्य कमेटी सदस्य नंदलाल यादव ने तहसीलदार नरेंद्र राम को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि 17 जुलाई को हुई ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के टुकड़े गीता देवी, हरिदेव, गंगा केशरी, राम जियावन एवं संगीता के घरों की खपरैल और टीनशेड पर गिरे। उन्होंने कहा कि यह संयोग रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि खदान के समीप प्राथमिक विद्यालय स्थित है, जहां बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खनन संचालकों द्वारा ब्लास्टिंग का कोई निर्धारित समय नहीं रखा जाता और न ही पहले से ग्रामीणों को सतर्क किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र का जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है, जिससे हैंडपंप और कुएं सूखने लगे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थर से एक गाय का सींग टूट गया था। उनका कहना है कि यदि ऐसा पत्थर किसी व्यक्ति को लगता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी। उन्होंने आबादी क्षेत्र में संचालित खनन पर तत्काल रोक लगाने, संबंधित पट्टे की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि खनन से जुड़े कुछ लोग ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को धमकाते हैं और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कई बार तहसील दिवस और जिलाधिकारी दरबार में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। तहसीलदार नरेंद्र राम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और शिकायतों को उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान मनबसिया, ईश्वर दयाल, परमेशरी, मुन्नी, इस्रावती, नोहर भारती, कौशल्या, अंजू देवी, शांति, दुर्गावती, गीता, राजकुमारी, सरिता, देवकली, जिरवंती, शिवकुमारी, चंदा देवी, भगवंती, सुबाखी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। वहीं पीएलवी निगार फरजाना एवं कमाल अहमद ने महिलाओं को उनके विधिक एवं मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
