सोनभद्र। पट्टे की जमीन की नापी को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2006 में पट्टा मिलने के बावजूद आज तक जमीन की पैमाइश नहीं हुई। इतना ही नहीं, उन्होंने लेखपाल पर पैसे लेने के बाद भी काम न करने का आरोप लगाया है।साथ ही जिलाधिकारी को पैसा गिनते और जेब मे रखते हुए का वीडियो भी दिखाया अब पट्टा धारकों का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा पट्टे की जमीन की मापी कराकर लाभार्थियों को लाभ दिलाये और ऐसे भ्र्ष्ट लेखपाल के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो ताकि किसी और के साथ इस तरह का भ्र्ष्टाचार न हो सके। घोरावल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत करमा के रहने वाले ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वर्ष 2006 में सरकारी पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन करीब 20 वर्ष बीत जाने के बाद भी जमीन की नापी नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार तहसील दिवस और अन्य माध्यमों से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी कहना है कि संबंधित लेखपाल ने नापी कराने के नाम पर करीब 19 हजार रुपये लिए, इसके बावजूद न तो पैमाइश हुई और न ही कब्जा दिलाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि उनके पास इस मामले से जुड़े फोटो और वीडियो भी मौजूद हैं।
पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल जमीन की पैमाइश कराने और उन्हें कब्जा दिलाने भ्र्ष्ट लेखपाल के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
हालांकि विधान केसरी समाचार इस वीडियो की पुष्टि नही करता है।
