सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने खाद्यान्न एवं चीनी वितरण पर मिलने वाले वर्तमान लाभांश को अपर्याप्त बताते हुए सरकार से लाभांश वृद्धि तथा न्यूनतम मासिक आय गारंटी लागू करने की मांग की है। इस संबंध में कोटेदार एसोसिएशन ने शासन और विभाग को पत्र भेजकर अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के कोटेदारों को वर्तमान में मात्र 10 रुपये प्रति कुंतल का लाभांश प्राप्त हो रहा है, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि काफी अधिक है। एसोसिएशन के अनुसार हरियाणा और दिल्ली में लगभग 200 रुपये प्रति कुंतल, गोवा में 230 रुपये प्रति कुंतल तथा गुजरात में 20 हजार रुपये तक की न्यूनतम आय गारंटी जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं।
कोटेदारों का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान लाभांश से परिवार का भरण-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना कठिन हो गया है। उनका कहना है कि आर्थिक दबाव के कारण उचित दर विक्रेताओं में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इसी क्रम में एसोसिएशन ने बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के लगभग 80 हजार कोटेदार अगस्त 2026 में खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार करेंगे। साथ ही वितरण से संबंधित सभी कार्यों से स्वयं को अलग रखेंगे।
एसोसिएशन ने पत्र में स्पष्ट किया है कि बहिष्कार के कारण यदि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा होती है तो उसकी जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी। संगठन ने सरकार से मांग की है कि कोटेदारों के लिए लाभांश वृद्धि और न्यूनतम आय गारंटी के संबंध में जल्द निर्णय लेकर उन्हें अवगत कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक और जनसुविधा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।इस मौके अध्यक्ष विनोद कुमार,अजय विश्वकर्मा,वीरेंद्र कुमार,निक्की देवी,अयोध्या प्रसाद,विनय कुमार,रणजीत,मनोज,अजय,सूर्यमणि,नंदलाल,कमला समेत भारी सख्या में लोग मौजूद रहे।
