सोनभद्र। ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप द्वारा उप खनिज से लदे वाहनों द्वारा वैध परिवहन प्रपत्र के साथ परिवहन किया जा रहा है अथवा नहीं या परिवहन योग्य मात्रा से अधिक मात्रा के उप-खनिज का परिवहन किया जा रहा है या नहीं? के सम्बन्ध में आरटीओ आफिस के समीप जांच की जा रही थी तभी मारकुण्डी की तरफ से राबर्ट्सगंज की तरफ जा रहे उप-खनिज-गिट्टी से लदे वाहन संख्या-UP64AT5155 को रोककर जांच की गई तो उपरोक्त वाहन का चालक नाम पता अज्ञात गिट्टी सम्बन्धी परिवहन प्रपत्र प्रस्तुत कर जांच के दौरान धीरे से हट बढ़ गया। चालक द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र की जांच की गई तो पाया गया कि उक्त वाहन UP64AT5155 से सम्बन्धित ई-एमएम-11 संख्या-3163250XXXXX-06611 की बैधता अवधि दिनांक 22.06.2026 समय रात्रि 11.15 बजे से दिनांक 23.06.2026 के समय रात्रि 10.15 तक है। विभागीय पोर्टल पर जांच की गई तो ई-एमएम-11नं0-3163250706570611 की वैधता अवधि दिनांक 13.04.2026 समय प्रातः 04.48 बजे से दिनांक 14.04.2026 समय प्रातः 03.23 तक वैध होना पाया गया और उक्त परिवहन प्रपत्र के क्रम संख्या-09 में उप खनिज का नाम मौरंग अंकित पाया गया जबकि उक्त वाहन पर गिट्टी लदी है। फिर उक्त वाहन पर वैध प्रपत्र की स्थिति की जांच एम चेक ऐप से किया गया तो वाहन संख्या-UP64AT5155 पर कोई वैध परिवहन प्रपत्र का निर्गत होना नहीं पाया गया तथा उक्त वाहन पर दो ई-नोटिस एक वर्ष 2025 का तथा एक वर्ष 2026 का भुगतान होना लम्बित पाया गया। उक्त वाहन पर अंकित चेचिस नं0-MAT541109J1H24039 की जांच में पाया गया कि प्रश्नगत वाहन का वास्तविक नं0-UP64AT5156 है जिस पर भुगतान हेतु वर्ष 2024 व 2025 की 03 ई-नोटिस लम्बित है। जांच में यह भी पाया गया कि चालक द्वारा प्रस्तुत परिवहन प्रपत्र में अंकित सिक्योरिटी नं0-AAEGG038046 में एके इण्टर प्राइजेज प्रो सुरेश कुमार पाठक के नाम निर्गत होना पाया गया। उक्त के अतिरिक्त कार्यालय अभिलेख जांच से पाया गया कि सिक्योरिटी नं0- AAEGG-038046 के चोरी होने अथवा किसी अन्य प्रकार के दुरुपयोग के सम्बन्ध में मे एके इण्टर प्राइजेज के प्रो सुरेश कुमार पाठक द्वारा अधोहस्ताक्षरी के विभाग/कार्यालय को आज से पूर्व कोई सूचना नहीं दी गई है, जिससे स्पष्ट है कि प्रश्नगत सिक्योरिटी पेपर को कूटरचित ढंग से तैयार करने और उसको असली के रूप में उपयोग करने सुरेश कुमार पाठक की संलिप्तता है। इससे यह भी स्पष्ट है कि उक्त वाहन द्वारा जितनी बार उप खनिज का परिवहन किया होगा वह बिना वैध परिवहन प्रपत्र के किया गया होगा क्योंकि भुगतान हेतु लम्बित चालान की दशा में वाहन पर परिवहन प्रपत्र निर्गत नही होता है। उपरोक्त तथ्यों संलग्न प्रपत्रो से स्पष्ट है कि उक्त पकड़े गये वाहन पर किसी अन्य वाहन का नम्बर लगाकर एवं फर्जी नम्बर का कूटरचित प्रपत्र ई-एमएम-11 कागजात तैयार कर और उसका असली के रूप में उपयोग कर उप खनिज गिट्टी का परिवहन किया गया, जिससे राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति पहुँचाई गई, जिसमें एक से अधिक व्यक्तियों के संलिप्त होने की प्रबल संभावना है। अतः अनुरोध है कि प्रश्नगत वाहन संख्या-UP 64 AT 5156 व UP 64 AT 5155 के वाहन स्वामी, मे एके इण्टर प्राइजेज के प्रो सुरेश कुमार पाठक, सिक्योरिटी पेपर प्रिटिंग/एडिटिंग करने वाले व्यक्ति/संस्थान, वाहन चलाक अज्ञात तथा उक्त आपराधिक कृत्य में शामिल अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करने कर कष्ट करें। पुलिस इस संगठन गिरोह कर कर रही है गहनता से जांच जल्द होगा खुलासा।
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