लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ का दिल कहे जाने वाले ऐतिहासिक अमीनाबाद की धड़कन श्घंटाघर पार्कश् इस समय भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों के चंगुल में है। ब्रिटिश शासन काल की ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर जनसुविधाओं तक को ताक पर रखकर यहाँ धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराया जा रहा है। सबसे चैंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल नगर निगम लखनऊ और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्जीरो टॉलरेंसश् नीति को चुनौती देते हुए दबंगों ने पार्क की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा जमा लिया है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
मामला नगर निगम लखनऊ के अधीन आने वाले अमीनाबाद घंटाघर पार्क का है। सूत्रों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहाँ ब्रिटिश शासन काल से बनी 5000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी (फायर टैंक) मौजूद थी, जिसे आपातकाल में अग्निशमन के लिए बनाया गया था। लेकिन भू-माफियाओं ने नगर निगम के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए इस ऐतिहासिक टैंक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उसकी जगह पर श्बंजारन साड़ीश् का एक आलीशान शोरूम खड़ा कर दिया, जो पूरी तरह से अवैध है।
खतरे की घंटी यहीं नहीं रुकती। वर्तमान में इस पार्क के नीचे नगर निगम द्वारा अमीनाबाद घंटाघर पार्किंग का संचालन किया जा रहा है। इसी पार्किंग के नीचे 15 फीट गहरा बेसमेंट खोदकर लगभग 30 अवैध दुकानें बना दी गई हैं।
बड़ा खतरा यह है कि अमीनाबाद एशिया के सबसे घने और व्यस्ततम बाजारों में से एक है। यदि इस परिसर में कभी कोई शॉर्ट सर्किट या अग्निकांड होता है, तो संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का समय पर पहुँचना नामुमकिन है। इस अवैध निर्माण के कारण पौराणिक हनुमानगढ़ी मंदिर भी सीधे तौर पर खतरे की जद में आ गया है।
योगी सरकार जहाँ एक तरफ भू-माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर रही है, वहीं अमीनाबाद में माफिया बेखौफ हैं। स्थानीय पुलिस चैकी के ठीक सामने पार्किंग माफिया द्वारा अवैध पार्किंग का धंधा धड़ल्ले से चलाया जा रहा है, जिससे राहगीरों और व्यापारियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
इसके अलावा, पार्क के पश्चिमी हिस्से की बहुमूल्य भूमि पर श्याम सोनकर नाम के एक कथित फर्जी बाबा ने अवैध रूप से कब्जा कर रखने का आरोप लग रहा है। पार्क की जमीन को निजी जागीर समझकर उसका व्यवसायीकरण किया जा रहा है, जिससे पार्क का मूल स्वरूप पूरी तरह नष्ट हो चुका है।
स्थानीय सजग नागरिकों और व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेने की अपील की है। यह मामला सिर्फ अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि हजारों दुकानदारों और रोजाना आने वाले लाखों ग्राहकों की सुरक्षा से जुड़ा है।
क्षेत्रवासियो की मुख्य मांगें है कि घंटाघर पार्क के अवैध बेसमेंट और बंजारन साड़ी शोरूम की उच्च स्तरीय जांच हो।ब्रिटिश कालीन फायर टैंक को नष्ट करने वाले दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।फर्जी बाबा श्याम सोनकर और अवैध पार्किंग माफियाओं से पार्क की सरकारी जमीन को तत्काल मुक्त कराया जाए। यह पूरा प्रकरण शासन और प्रशासन के लिए एक बड़ी जांच का विषय है, जिससे वक्त रहते किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
