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ओडिशा में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 20 लाख से ज्यादा नाम कटे


ओडिशा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के पहले फेज के बाद सामने आए आंकड़ों ने लोगों का ध्यान खींचा है। ओडिशा में पहले जहां कुल 3 करोड़ 33 लाख 99 हजार 591 मतदाता दर्ज थे, वहीं अब पब्लिश ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 3 करोड़ 13 लाख 87 हजार 34 नाम शामिल किए गए हैं। यानी पहली नजर में करीब 20.12 लाख नाम कम दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों के नाम स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, एसआईआर अभियान 30 मई से 28 जून 2026 तक चलाया गया। इस दौरान राज्य के 93.97 प्रतिशत यानी 3 करोड़ 13 लाख 87 हजार 34 मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए। यही संख्या फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल की गई है।

जिन करीब 20 लाख लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिख रहे हैं, उनके पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो दूसरे राज्य में मतदाता बन चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो अपने पते पर नहीं मिले, जिन्होंने तय समय तक फॉर्म जमा नहीं किया या फिर किसी अन्य कारण से मतदाता के रूप में पंजीकरण जारी नहीं रखना चाहते थे। आयोग ने बताया कि कुछ लोगों के नाम एक से अधिक जगह दर्ज मिले हैं। ऐसे मामलों में अंतिम सूची में केवल एक ही स्थान पर नाम रखा जाएगा।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी योग्य मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। 4 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी। इस दौरान संबंधित व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और घोषणा पत्र देना होगा।

अगर किसी नागरिक को यह जांचना है कि उसका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है या नहीं, तो वह अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप, वोटर्स पोर्टल और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ओडिशा की वेबसाइट पर भी नाम देखा जा सकता है।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम अंतिम रूप से नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी नाम को हटाने का प्रस्ताव होगा तो संबंधित अधिकारी नोटिस जारी करेंगे और सुनवाई के बाद ही फैसला लिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति इस फैसले से असंतुष्ट होता है तो वह जिला कलेक्टर और उसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील भी कर सकता है।

इस पूरे अभियान में राज्य के 30 जिलों में चुनाव अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों ने मिलकर काम किया। आयोग का कहना है कि इस विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल एक ही है। हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में न रहे। अब सभी की नजर 4 अगस्त तक चलने वाली दावा और आपत्ति प्रक्रिया पर रहेगी। इसके बाद जांच पूरी होने पर 6 सितंबर 2026 को ओडिशा की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

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