सुल्तानपुरः सब्सिडी वाले लोन में श्खर्चाश् मांगने का आरोप, बैंक मैनेजर की कार्यशैली पर जनसुनवाई में शिकायत! किसान ने लगाया गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और सहमति पत्र के लिए कई दिन दौड़ाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
July 26, 2026
लंभुआ/सुल्तानपुर।प्रतापपुर कमैचा विकास खंड के अमरूपुर स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम सदरपुर निवासी किसान सुनील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल(आईजीआरएस)पर शिकायत दर्ज कर बैंक मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत संख्या 40017926033310 में किसान ने आरोप लगाया है कि मिनी नंदिनी योजना के लिए आवश्यक बैंक सहमति पत्र लेने के दौरान उन्हें कई दिनों तक बैंक के चक्कर लगवाए गए, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और बिना सिविल जांच किए ही ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया।शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक मैनेजर ने यह कहकर आवेदन खारिज कर दिया कि लोन ऐसे नहीं होता, जबकि उनका बैंक खाता पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से संचालित है। किसान ने यह भी आरोप लगाया कि बैंक में मिलने वाले विभिन्न ऋणों के बदले सब्सिडी का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ खर्चा करने की बात कही जाती है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर कथित रूप से ष्जो करना हो कर लोष् जैसी बातें कहकर अपमानित किया गया।शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बैंक में आने वाले अन्य ग्राहकों के साथ भी बैंक मैनेजर का व्यवहार संतोषजनक नहीं है और वे अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।अब यह मामला मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज होने के बाद वित्त विभाग के संज्ञान में पहुंच चुका है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। वहीं स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है।
