मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, संसद में विपक्ष उठाएगा ये मुद्दे
July 19, 2026
संसद के मानसून सत्र के आरंभ होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. विपक्ष सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाए जाने का मुद्दा इस बैठक में उठा सकता है. इस बैठक में सभी प्रमुख दलों के सदन के नेता शामिल होंगे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला भी शामिल है.
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा वांगचुक को जबरन हटाए जाने का मामला इस बैठक में उठाया जा सकता है. राम मंदिर के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस मामले को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगी. सरकार ने कुछ नए विधेयकों की घोषणा की है जिन्हें आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाएगा.
लोकसभा सचिवालय के एक बुलेटिन के मुताबिक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने उस पर विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रावधान करता है. इसके जरिए सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाना चाहती है.
इसके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 को भी पेश करने विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इस विधेयक का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाना है. सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी, जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को टैक्स छूट देने के प्रावधान को औपचारिक रूप देने वाला विधेयक है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए समूह के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को भी इस सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है. मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ होगा और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है. संसद के प्रत्येक सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में सरकार आमतौर पर अपने विधायी कार्यक्रम की जानकारी देती है और सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील करती है.
