सुल्तानपुर। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा देश के किसी भी हिस्से में आने-जाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को दिल्ली या लखनऊ जाने से रोका जाए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का हवाला देकर अपने ही जनपद सुल्तानपुर में आने-जाने पर प्रतिबंध जैसी स्थिति उत्पन्न की जाए, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम नागरिकों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का अनावश्यक हनन उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसा संतुलन बनाकर कार्य करना चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था भी बनी रहे और नागरिकों के अधिकार भी प्रभावित न हों।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवाद, सहमति और संवैधानिक अधिकारों के सम्मान से होती है। यदि आम लोगों की आवाज और उनके शांतिपूर्ण आवागमन पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना कमजोर होगी।
