सिंहपुर : किसान यूरिया खाद से बेहाल, बिचैलिये हो रहे हैं मालामाल
July 24, 2026
सिंहपुर/अमेठी। किसानों के लिए बढ़ती डीएपी और यूरिया खाद की मारामारी में जहां एक बार फिर सरकार की पोल खोलती व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही हैं वहीं परेशान किसान बिचैलियों के हाथों बढ़ते दामों पर बिकने पर मजबूर है जहां प्राइवेट उर्वरक केंद्र पर किसान ना चाहते हुए भी खुदरा मूल्य से बढ़ते दामों पर खाद लेने के लिए मजबूर हो उठा है वही दुकानदार इसका बखूबी फायदा उठाते नजर आ रहे हैं एमएसपी रेट पर जहां सहकारी केन्द्रों पर सरवर जैसी व्यवस्था में किसान का जीना मुहाल है पूरे दिन खड़े लाइनों में किसान आखिरकार बेज्जती के सिवा कुछ नहीं मिलता है क्योंकि साहब के पास सरवर ना आने की बखूबी ढाल नजर आ रही है पूरे क्षेत्र में जहां किसान इस लाइलाज बीमारी से जूझ रहा है वही बिचैलिया दुकानदार बढ़ते दामों पर किसानों को चूना लगाते नजर आ रहे हैं सरकार इस पर सख्त कदम उठाते हुए भी खाद न मिलने कि इस महामारी को प्राइवेट उर्वरक दुकानदारों पर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है जिससे किसान राहत की सांस ले सके खाद की बढ़ती किल्लत से किसान पूरा पूरा दिन साधन सहकारी समितियां के चक्कर काटता नजर आ रहा है वही साहब का रवैया साफ देखा जाता है कि मशीन में सर्वर गायब है क्षेत्र में फैले बिचैलिये दुकानदार किसी के हाथ तीन सौ पचास रुपए किसी के हाथ चार सौ रुपए में किसान साफ लुटता नजर आ रहा है इस बदहाल व्यवस्था में प्रदेश के सहकारिता मंत्री सतीश शर्मा का एक बयान किसानों के लिए राहत बनकर आया है जिसमें उन्होंने कहा की 25 जुलाई से किसानों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था सहकारी संसाधन केंद्रों पर उनके सचिवो द्वारा बिना रोक-टोक के किसानों को खाद की व्यवस्था मुहैया कराई जाए सहकारी समितियां में सरकार द्वारा खाद की नई रैके लगाई गई हैं अब ऑफलाइन व्यवस्था पर किसान को सस्ती एमएसपी पर किसानों को खाद मुहैया हो सके और किसान बिचैलियों के हाथ बिकने पर मजबूर ना हो।
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