लखनऊ। राजधानी लखनऊ का ऐतिहासिक और बेहद व्यस्त इलाका, अमीनाबाद (नजीराबाद नाज सिनेमा रोड), इन दिनों गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ है। मुगलई और नॉन-वेज व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध इस रोड पर प्रशासन की नाक के नीचे सरेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है। नाज सिनेमा रोड पर नॉन-वेज की दुकानों की भारी अधिकता है। इनमें से सबसे मशहूर नाम श्टुंडे कबाबीश् (जिसके मालिक उस्मान साहब हैं) का है। लेकिन इस प्रसिद्ध दुकान के बाहर स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहाँ फुटपाथों पर पूरी तरह से स्टॉल लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण आए दिन यहाँ भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।अन्य दुकानदारों ने भी देखा देखि पैदल चलने वाले फुटपाथों पर पूरी तरह से अपने स्टॉल लगा रखे हैं, जिससे पैदल यात्रियों के लिए सड़क पर चलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। रेस्टोरेंट के ठीक बाहर और सड़कों के दोनों ओर दोपहिया वाहनों (मोटरसाइकिलों और स्कूटरों) की अनियंत्रित और अवैध पार्किंग की गई है। व्यवस्थित पार्किंग न होने के कारण पूरी सड़क सिमट कर रह गई है। फुटपाथ पर दुकानदारों के कब्जे और सड़क पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों (अवैध पार्किंग) व ई-रिक्शों के कारण यहाँ हर वक्त गाड़ियाँ रेंगती रहती हैं और भयानक ट्रैफिक जाम लगा रहता है।
सबसे चैंकाने वाला और गंभीर विषय यहाँ की अवैध बिल्डिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। टुंडे कबाबी का यह रेस्टोरेंट बेसमेंट में संचालित हो रहा है, जहाँ हर वक्त सैकड़ों ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है।बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि खाना परोसते या बनाते समय किसी भी प्रकार का अग्निकांड (आग लगने की घटना) हो जाता है, तो ग्राहकों के पास बाहर भागने के लिए कोई इमरजेंसी एग्जिट (निकासी द्वार) नहीं है। इस बेसमेंट में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता है।
यह पूरी व्यवस्था न केवल आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि एक अत्यंत सोचनीय विषय भी है। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठने लगी है कि अग्निशमन विभाग यहाँ के सुरक्षा मानकों की तुरंत जाँच करे।लखनऊ विकास प्राधिकरण इस अवैध निर्माण और बेसमेंट कमर्शियल उपयोग पर सख्त कार्रवाई करे। फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाकर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करे।यदि समय रहते जिम्मेदार विभागों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो किसी भी दिन यहाँ एक बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो सकता है।
